जान्ह्ववी तट पर सजने वाले दीपमाला का मुख्य आयोजन राजघाट पर किया जाएगा और इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। हालांकि बाढ़ का पानी उतरने के बाद सीढ़ियों की सफाई आदि की कार्ययोजना बनेगी, मगर इससे पहले सात नवंबर को होने वाले कार्यक्रम को मूर्त रूप दिया जा रहा है। इसमें राजघाट पर मंच सजाकर देव दीपावली की संध्या का आयोजन किया जाएगा और यहीं से क्रूज व नावों के जरिए देश विदेश से आए अतिथियों को काशी के घाटों पर सजने वाली दिव्य और भव्य देव दीपावली के अनुपम छटा निहारने की व्यवस्था होगी।
काशी की विश्व विख्यात देव दीपावली की तैयारियों के लिए शासन से भी बजट जारी कर दिया गया है। इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। प्रशासन ने राजघाट को मुख्य आयोजन को चयनित करते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। देव दीपावली पर नावों के संचालन के लिए जल पुलिस ने ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। जल पुलिस प्रभारी दशाश्वमेध घाट मिथलेश यादव के मुताबिक गंगा में नावों की रफ्तार और आने-जाने के लिए निगरानी टीम बनाई गई है। गंगा में फ्लोटिंग जेटी लगाई जाएगी। इस पर मार्कर लगेंगे, जो नावों के आने-जाने का रास्ता बताएंगे। आने वाली नाव घाट किनारे होकर चलेंगी, जबकि वापसी रेती की तरफ से होगी। इस दौरान जल पुलिस की टीम लगातार पेट्रोलिंग करेगी।