देव दीपावली पर तिथि भेद का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले रक्षाबंधन और होली पर भी तिथिभेद के कारण संशय की स्थिति बन चुकी है। होली पर काशी में जहां सात मार्च को होली खेली गई वहीं पूरे देश ने आठ मार्च को होली मनाई थी। रक्षाबंधन के भी आयोजन दो दिन हुए थे।
गंगा आरती करने वाली समितियों ने की बैठक
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गंगा आरती समितियों से जुड़े पं. किशोरी रमण दूबे ने बताया कि जिस दिन प्रात: काल स्नान दान की पूर्णिमा है, उसी दिन सायं काल दीपदान की परंपरा घाटों एवं कुंडों - तालाबों पर है। जिस वर्ष भी दो दिन कार्तिक पूर्णिमा पड़ी है, उसी दिन उदया तिथि की ही पूर्णिमा वाले दिन ही देव दीपावली महोत्सव के आयोजन की परंपरा रही है। उदया तिथि में दूर-दूर से काशी में कार्तिक पूर्णिमा स्नान करने वाले स्नानार्थी, श्रद्धालु गंगा स्नान प्रातः काल व सायं काल भगवती मां गंगा को दीपदान करके अपने गंतव्य को जाते हैं। शरद पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक कार्तिक मास पर्यंत आकाशदीप जलाने की भी परंपरा है। उसका भी समापन उदया तिथि की पूर्णिमा को ही होता है। श्री गंगा जी की महा आरती का आयोजन 27 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।
अभी देव दीपावली पर कोई प्रशासनिक निर्णय नहीं लिया गया है। सभी के साथ बैठक करके आम निर्णय लिया जाएगा। काशी में एकपक्षीय घोषणा करना ठीक नहीं है। प्रशासन की ओर से निर्धारित तिथि पर ही भव्य आयोजन कराया जाएगा।- कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त
काशी विद्वत परिषद ने शास्त्र सम्मत निर्णय दिया था। समितियां और काशीवासी किसी भी तारीख पर देव दीवापली को मनाने के लिए स्वतंत्र हैं।- राम नारायण द्विवेदी, महामंत्री, काशी विद्वत परिषद
गंगा सेवा निधि के कार्यालय में बैठक हुई है। गंगा सेवा निधि के संस्थापक पं. सत्येंद्र मिश्रा मुनन्न महाराज के समय से उदया तिथि की पूर्णिमा पर देव दीपावली मनाई जाती है। यह तिथि 27 नवंबर को पड़ रही है।- पं. किशोरी रमण दूबे (बाबू महाराज)
काशी में देव दीपावली को लेकर होटल, ट्रवेल्स, क्रूज, नाव, बजड़ा की बुकिंग जोरों पर है। हालांकि अधिकतर पर्यटकों ने 26 नवंबर को तय देव दीपावली पर बुकिंग करा रखी है। अलकनंदा क्रूज के निदेशक विकास मालवीय ने बताया कि 26 नवंबर को अधिकतर बुकिंग है। विद्वत परिषद ने 26 नवंबर को देव दीपावली की घोषणा की है। इसके अनुसार क्रूज में बुकिंग चल रही है। उधर, बनारस होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल शर्मा ने बताया कि अधिकतर पर्यटकों ने 26 और 27 नवंबर की बुकिंग करा रखी है। पिछले वर्ष से बदलाव यह देखने को मिला है कि बाहर से आने वाले पर्यटक तीन से चार दिन काशी में भ्रमण कर रहे हैं और फिर लौट रहे हैं।
घाट किनारे और शहर के अधिकतर होटल के कमरों में देव दीपावली को लेकर बुकिंग चल रही है। 70 फीसदी से अधिक होटल के कमरे दोनों दिन के लिए बुक हैं। राजेंद्र प्रसाद घाट के नाविक बाबू साहनी ने बताया कि अधिकतर पर्यटकों ने 26 नवंबर को ही नाव, मोटरबोट और बजड़ा की बुकिंग करा रखी है। शहर में लगभग 12 सौ से अधिक नाव, मोटरबोट और बजड़ा है। टूर एंड ट्रवेल्स संचालक अभिषेक सिंह के अनुसार काशी में पर्यटकों की बुकिंग तो हर दिन हो रही है। 26 नवंबर देव दीपावली को लेकर अधिकतर गाड़ियां बुक हैं।