वाराणसी सहित पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह से अस्तव्यस्त कर दिया है, कोहरे और हाड़ कंपाने वाली ठंड लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर रही है, ऐसे में घरों में ठंड से बचने के लिए लोग गर्मी प्रदान करने वाले बिजली उपकरण का तो उपयोग कर रहे हैं, लेकिन जो राहत देसी संसाधनों में यकीन मानिए, वो इनमे कहां, तभी तो जहां लोग हीटर, ब्वायलर जैसे उपकरण खरीद रहे हैं, वही गरीबों के लिए उपली ही हीटर का काम कर रहा है।
लोग अपने घरों के सामने उपली का अलाव जला रहे हैं। साथ ही ऐसे लोग जो बाहर से आए हुए हैं उन्हें भी उपली की जरूरत पड़ रही है। अलाव जलाने तथा खाना बनाने के लिए आज भी गरीबों की जरूरत उपली से ही पूरी हो रही है।
शहर से सटे गांव जहां पर नई कालोनियां बन रही हैं वहां ठेले पर उपली बेची जा रहे है। बुधवार को कंदवा क्षेत्र के एक कॉलोनी में एक महिला ठेले पर उपले लेकर बेचती दिखी। महिला कमला देवी ने बताया कि वह एक रुपए में एक उपली बेच रही है।लोग अलाव जलाने के लिए उपली लेते हैं।
साथ ही वे लोग भी उपली खरीद रहे हैं जो काम की तलाश में कालोनियों में काम करते हैं। वे अपने खाना बनाने के लिए भी खरीदते हैं। कमला देवी ने बताया कि उसके पास एक गाय और भैंस है। जिनके गोबर से वह उपली बनाकर रखे रहती हैं और खेती किसानी के वक्त बचाकर उसको बेचकर अपना व अपने परिवार का जीवन यापन करती हैं।