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बीएचयू में शुरू होंगे 15 नए कोर्स और खुलेंगे दो नए विभाग, अगले सत्र से होगा संचालन

Tue, 11 Jun 2019 04:50 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय।
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बीएचयू में 15 नए कोर्स को मंजूरी मिली है, इसके अलावा दो नए विभाग खुले हैं। कला, विज्ञान, समाज विज्ञान संकाय, मंच कला संकाय के तहत चलने वाले इन कोर्स का संचालन अगले सत्र से होगा। इसमें पीजी स्तर पर डिप्लोमा और डिग्री कोर्स शामिल हैं। साथ ही दो कॉलेजों में पीजी के नौ पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।

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सोमवार को कुलपति प्रो राकेश भटनागर की अध्यक्षता में हुई विद्वत परिषद की बैठक में इसका फैसला हुआ। विज्ञान संकाय के संगोष्ठी संकुल में हुई इस बैठक में 36 अलग-अलग बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक में समाज विज्ञान संकाय में तीन डिप्लोमा और दो डिग्री कोर्स चलाए जाने को मंजूरी मिली।

इसके अलावा उर्दू विभाग में पीजी डिप्लोमा कोर्स के भी चलाए जाने के प्रस्ताव पर विद्वत परिषद में सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। इसके साथ-साथ वसंता कॉलेज फॉर विमेन राजघाट में तीन पीजी कोर्स और वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा में पीजी के छह कोर्स चलाए जाने का फैसला हुआ।
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विश्वविद्यालय में स्वतंत्र विभाग के रूप में म्यूजिकोलॉजी विभाग और बसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा में भूगोल का नया विभाग चलाए जाने का निर्णय हुआ। इसके अलावा विज्ञान संकाय, कला संकाय आदि संकायों में नए विभाग खोले जाने का प्रस्ताव आया था, उस पर विज्ञान संस्थान के निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी के गठन का फैसला लिया गया। कमेटी संकायवार प्रस्तावों पर चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेंगी, इसके बाद आगे का फैसला होगा।

इन कोर्स को मिली मंजूरी :
उर्दू विभाग - पीजी डिप्लोमा इन उर्दू ट्रांसलेशन एंड मॉस मीडिया (एक साल-दो सेमेस्टर)
समाज विज्ञान संकाय - मालवीय सेंटर फार पीस रिसर्च डिप्लोमा कोर्स और एक अन्य कोर्स (एक साल)
इतिहास विभाग - हेरिटेज मैनेजमेंट में डिग्री कोर्स (दो साल)
काउंसिलिंग गाइंडेंस में डिप्लोमा - (एक साल) 
एमफिल साइकोलॉजी - (डिग्री कोर्स, दो साल)

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दो कॉलेजों में नौ नए कोर्स :
वसंता कॉलेज फॉर वीमेन- उर्दू, संस्कृत और फिलॉसफी में पीजी।
बसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा- राजनीतिशास्त्र, इतिहास, अर्थशास्त्र, प्राचीन भारतीय इतिहास, दर्शनशास्त्र, संस्कृत में पीजी कोर्स चलेगा। यहां स्नातक स्तर पर भूगोल का विभाग भी खुलेगा।

ये भी हुए फैसले :
नए सत्र में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत होगी। इसमें संकायों में न होकर सभी काउंसिलिंग विज्ञान संकाय स्थित संगोष्ठी संकुल में कराई जाएगी।
मैथिली अध्ययन केंद्र को भी बैठक में मंजूरी मिली। इसमें वर्चुअल क्लास रूम भी चलाया जाएगा। केंद्र परिसर में कला संकाय के तहत खोला जाएगा।
शारीरिक शिक्षा विभाग को नया संकाय बनाने का प्रस्ताव आया, जिस पर मामले को कमेटी में रखे जाने का निर्णय लिया गया। 
जापानी, चाइनीज और फ्रेंच स्टडी को नया विभाग बनाने के प्रस्ताव को भी कमेटी में ही रखने का निर्णय हुआ।
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