वाराणसी, आजमगढ़ और विंध्य मंडल में डेंगू का कहर जारी है। अब तक 105 मरीज मिल चुके हैं। पांच मरीजों की मौत हो चुकी है। इसमें वाराणसी में 85 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है जबकि 760 संदिग्ध हैं। बलिया में सात मरीज, चंदौली में छह, गाजीपुर में तीन, जौनपुर में दो और मिर्जापुर में डेंगू का एक मरीज मिला है। इसके अलावा वाराणसी में तीन, आजमगढ़ और जौनपुर में एक-एक मरीज की मौत हो चुकी है। भदोही, मऊ में कोई मरीज नहीं मिला है।
वाराणसी में मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, शास्त्री अस्पताल रामनगर में अलग से बने डेंगू वार्ड पिछले एक सप्ताह से फुल हैं। कई मरीजों को दूसरे वार्डों में भर्ती किया गया है। सरकारी, निजी अस्पताल मिलाकर कुल 80 मरीजों का इलाज चल रहा है। सभी जिलों के जिला और मंडलीय अस्पतालों में अलग से 10 से 16 बेड तक के डेंगू वार्ड बनाए गए हैं।
वाराणसी जिले में पल्स पोलियो की तर्ज पर कोविड संवेदीकरण और संचारी रोग नियंत्रण विशेष अभियान चलाया जाएगा। सात से सोलह सितंबर तक चलने वाले अभियान में घर-घर सर्वे कराकर कोरोना के लक्षणयुक्त मरीजों के साथ ही डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के मरीज खोजे जाएंगे। इसके अलावा नियमित टीकाकरण के दौरान छूटे दो वर्ष तक के बच्चों और कोरोना टीकाकरण से छूटे 45 साल से अधिक उम्र वालों की अलग से सूची बनाई जाएगी।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर की आशंका को देख शासन ने तैयारी तेज कर दी है। शहरी और ग्रामीण इलाकों में कोरोना लक्षणयुक्त वाले मरीजों के साथ ही टीकाकरण से वंचित लोगों को खोजकर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। शुक्रवार को सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने तैयारियाें की समीक्षा की।
बताया कि मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए भी आशा, आंगनबाड़ी टीम तैयार है। इसके अलावा अभियान में स्वयं सेवी संस्थाओं, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास, आईसीडीएस विभाग, नगर निकाय, वन विभाग, कृषि विभाग, एनसीसी, एनएसएस, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ का भी सहयोग लिया जाएगा।