शास्त्री अस्पताल का डेंगू वार्ड फुल
शास्त्री अस्पताल में आठ बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है, वो भी इस समय फुल है। 153 बेड के इस अस्पताल में 115 मरीज इस समय हैं। इसमें करीब 35 मरीज बुखार और अन्य कारणों के हैं। कुछ ऐसी महिलाएं, बच्चे हैं, जिनके जोड़ों में दर्द है, डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं।
मंडलीय अस्पताल में दूसरे वार्ड में भर्ती हो रहे डेंगू पीड़ित
मंडलीय अस्पताल में 10 बेड वाला डेंगू वार्ड मरीजों से भर गया है। इसके बाद तीन मरीजों को दूसरे वार्ड में भर्ती कराया गया है। 316 बेड वाले अस्पताल में वैसे तो 254 मरीज हैं लेकिन आधे से अधिक बुखार से ग्रसित हैं। यहीं नहीं अस्पताल की इमरजेंसी भी पिछले एक सप्ताह से फुल चल रही है। बच्चों के इलाज के लिए बना चिल्ड्रेन वार्ड भी खाली नहीं है।
मंडलीय और जिला अस्पताल में लगेगी मशीन, मिल सकेंगे प्लेटलेटस
वायरल फीवर, डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अब स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हुआ है। शासन के निर्देशन पर तीन सदस्यीय विशेष टीम वाराणसी पहुंची है। यहां अस्पतालों का दौरा कर टीम के सदस्यों ने भर्ती मरीजों, तीमारदारों और इलाज में लगी स्वास्थ्य टीम से बात की। इसके बाद मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा से मुलाकात कर उनसे भी मरीजों के जांच, इलाज के बारे में चर्चा की। टीम का नेतृत्व कर रहे संचारी रोग के निदेशक डॉ.केएन तिवारी ने कहा कि जांच की जरूरत को देखते हुए प्रदेश के सभी 18 मंडलों के ब्लड बैंक में सिंगल डोनर प्लेटलेट के लिए एफेरेसिस मशीन लगाई जाएगी। इसमें वाराणसी में मंडलीय अस्पताल के अलावा जिला अस्पताल में भी यह मशीन लगाई जाएगी।
डेंगू, वायरल फीवर वाले मरीजों के आंकड़ें पर सवाल उठने के बाद मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में प्रेसवार्ता में निदेशक डॉ.केएन तिवारी, राज्य सर्विलांस अधिकारी डा.विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि मशीन लगने के बाद सिंगल डोनर प्लेटलेट के लिए लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा। बताया कि अस्पतालों में अधिकांश लोग वायरल फीवर के हैं। सभी को जरूरत के हिसाब से इलाज मिल सके, इसके लिए जिले में शास्त्री, मंडलीय, दीनदयाल अस्पताल में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही यहां शहरी स्वास्थ्य केंद्रों से 2-2 अतिरिक्त स्टाफ नर्स की तैनाती का निर्णय लिया गया है। निदेशक ने बताया कि लखनऊ से फिजिशियन डॉ. पंकज गुप्ता ने भी डॉक्टरों से बातचीत की।
मरीजों और तीमारदारों को दी जाएंगी ये जानकारियां
-अस्पतालों में होर्डिंग्स सहित अन्य माध्यमों से यह बताया जाएगा कि 10 हजार से कम प्लेटलेटस जब तक न हो तब तक न चढ़वाएं।
-तेज बुखार, जोड़ों में दर्द की समस्या होने पर किसी तरह की घबराहट न पैदा करें।
-अस्पतालों में 24 घंटे पैथालॉजी में जांच की सुविधा है। इस वजह से डॉक्टर की सलाह पर जरूर जांच करवाएं।
-मरीजों की समय-समय पर काउंसिलिंग कर बीमारी से जुड़ी सही जानकारी दी जाएगी।
निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेंगे अधिकारी-मंडलायुक्त
लखनऊ से आई अधिकारियों की टीम के साथ मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने डेंगू, वायरल फीवर के प्रकोप को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी भी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने कहा कि निजी अस्पतालों में इससे संबंधित डाटा समय से फीड किया जा रहा है कि नहीं इसकी मानीटरिंग खुद अधिकारियों की ओर से की जाएगी। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। साथ ही टेली कंस्लटेशन के माध्यम से घर पर ही मरीजों को ओपीडी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सीएमओ को सभी तैयारियां करने को कहा गया है। जन औषधि केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।