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नोटबंदी के खिलाफ निकाली गई केंद्र सरकार की शवयात्रा, पुलिस और एनएसयूआई में हुई झड़प

Fri, 08 Nov 2019 06:01 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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विरोध-प्रदर्शन करते एनएसयूआई कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी को आज तीन साल हो गए। आठ नवंबर को आठ नवंबर 2016 को रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की थी। सरकार ने रातोंरात 500 और 1000 रुपये के नोटों को अवैध करार दिया था।

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इसका विरोधी पार्टियों ने कड़ा विरोध किया था। मोदी सरकार ने कहा था कि इस फैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था में नकदी पर निर्भरता कम होगी और जाली नोटों पर अंकुश लगेगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

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नोटबंदी के तीन साल होने के बाद पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) कार्यकर्ताओं ने संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से केंद्र सरकार की शव यात्रा निकाली। साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस प्रशासन जमकर नोंकझोक हुई। इसके बाद  एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौके पर धरने पर बैठ गए।

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महानगर अध्यक्ष एनएसयूआई रंजीत तिवारी ने कहा कि यह गूंगी-बहरी सरकार ने नोटबंदी कर आजादी की सबसे बड़ी लूट की है। इसके जिम्मेदार नरेंद्र मोदी हैं। आज देश आर्थिक आपातकाल से जूझ रहा है। इस सरकार ने सिर्फ कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए हर वर्ग को बर्बाद कर दिया।
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