युवक के दो छोटे-छोटे भाई हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि वह पढ़ने में मेधावी था, इसलिए परिवार के लोगों ने जमीन-गहना आदि बेच कर उसकी पढ़ाई पूरी कराई। वह भी परिवार वालों की उम्मीदों पर खरा उतरा और पढ़ाई पूरी करते ही नौकरी करने लगा। उसकी नौकरी लगने से परिवार के लोग काफी खुश हुए थे, उन्हें उम्मीद थी कि अब उनके बुरे दिन समाप्त हो जाएंगे, लेकिन होनी को शायद कुछ और ही मंजूर था।