अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्षों से कार्यरत तदर्थ प्रधानाचार्यों के विनियमितीकरण (स्थायीकरण) का मामला मंगलवार को विधान परिषद में प्रमुखता से उठा। शिक्षक नेता ध्रुव त्रिपाठी की ओर से प्रस्तुत विषय पर एमएलसी धर्मेंद्र राय्र ने तदर्थ प्रधानाचार्यों को शीघ्र स्थायी किए जाने की मांग की।
एमएलसी ने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अनेक प्रधानाचार्य पिछले दस साल या उससे ज्यादा समय से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उनका विनियमितीकरण नहीं हो सका है, जिससे उनमें असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन प्रधानाचार्यों को स्थायी किए जाने से सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा, इसलिए उनके हित में शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने व्यवस्था देते हुए कहा कि नेता सदन एवं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शिक्षक नेताओं और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर इस विषय पर सकारात्मक निर्णय सुनिश्चित करेंगे।