Varanasi News: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में पीपल और बरगद के पेड़ों पर धागा बांधने तथा दीया जलाने पर रोक लगाने की मांग को लेकर एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पत्र में दावा किया गया है कि पेड़ों पर धागा बांधने और दीया जलाने से उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच रहा है। वायरल पत्र को लेकर विश्वविद्यालय परिसर और सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है।
वायरल पत्र 19 मई 2026 की तारीख का बताया जा रहा है, जिसे काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति को संबोधित किया गया है। पत्र में लिखा गया है कि बीएचयू परिसर में स्थित पीपल और बरगद के पेड़ पर्यावरण संरक्षण और ऑक्सीजन उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुछ लोग इन पेड़ों पर धागा बांधते हैं और नीचे दीया जलाते हैं, जिससे पेड़ों को नुकसान पहुंचता है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि धागा बांधने से पेड़ों की वृद्धि प्रभावित होती है, जबकि दीया जलाने से निकलने वाली गर्मी से तने की ऊपरी परत प्रभावित होती है।