अदालत में आशीष तिवारी, आशीष शुक्ल, पवन पाठक, सतीश अग्रहरि, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, सुनीता श्रीवास्तव ने पक्षकार बनने का आवेदन दिया है। वहीं दूसरे एक अन्य मामला साध्वी पूर्णंबा, शारदंबा बहनों का है, जिन्होंने सबसे पहले श्रृंगार गौरी और अन्य देव विग्रहों के दर्शन की इजाजत का अनुरोध किया गया था। इस मामले में महिला बहनों ने आदि विश्वेश्वर के दर्शन पूजन राग भोग और सर्वे के दौरान मिले देवी देवताओं के पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग की है। इस पर 19 सितंबर को सुनवाई होनी है।
वाराणसी जिला अदालत में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में पूजा के अधिकार की मांग करने वाली पांच महिलाओं में से एक याची रेखा पाठक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की है। महिला उपासक ने कैविएट के जरिये मांग की है कि अगर वाराणसी कोर्ट के 12 सितंबर के आदेश को चुनौती देने वाली कोई याचिका अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से दाखिल की जाती है तो उस पर उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाए। इसके बाद ही कोई आदेश पारित किया जाए।
वाराणसी जिला अदालत ने 12 सितंबर के आदेश में मंदिर पक्ष के मुकदमे की स्थिरता को चुनौती देने वाली अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी द्वारा दाखिल सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश सात के नियम 11 की अर्जी को खारिज कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने हिंदू उपासकों की याचिका पर सुनवाई के पक्ष में फैसला सुनाया था।