बदला और प्रेम प्रसंग का एंगल में शादी तक रुकवाई
पुरुष ही नहीं फर्जी अकाउंट से रिश्तों को तोड़ने या शादी रुकवाने के 11 मामले सामने आए। युवतियों ने निजी अकाउंट का भी उपयोग किया। जैतपुरा, मंडुवाडीह, लंका, कैंट, पांडेयपुर और सारनाथ, बड़ागांव में मामले सामने आए। कुछ महीने पहले ही मुंबई की लड़की ने मंडुवाडीह में शादी रुकवा दी थी। जैतपुरा निवासी प्रेमी का किसी और से चक्कर के शक में युवती ने फर्जी अकाउंट बनाकर प्रयागराज में एक लड़की को ब्लैकमेल किया। इस मामले में प्रयागराज पुलिस ने जांच की। युवती ने माफी मांगी तब जाकर मामला शांत हुआ। सारनाथ में इंस्टाग्राम पर इश्क के बाद इन्कार करने पर युवती वाराणसी पहुंची और आरोपी को जेल भिजवाया।
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केस-1
मिर्जामुराद थाना अंतर्गत ब्लैकमेलिंग से तंग आकर जान दे दी। युवती की शादी तय थी। आरोपी ने युवती के मंगेतर को निजी फोटो और वीडियो भेजा था। इस बात से आहत उसने विषाक्त का सेवन कर जान दे दी।
केस-2
सिंधौरा में शादीशुदा महिला से जुड़ा मामला सामने आया। जांच में सामने आया कि उसका वीडियो और फोटो सोशल साइट पर वायरल करने की धमकी दी गई, ब्लैकमेलिंग से आहत उसने विषाक्त का सेवन कर जान दे दी।
केस-3
शिवपुर में युवक ने जान दे दी थी। उसकी शादी तय थी। आरोप है कि युवती ने उसकी मंगेतर को निजी वीडियो और फोटो भेजकर रिश्ता तुड़वा दिया था।
पुलिस और साइबर टीम ने इस तरह से की जांच
फर्जी नाम से बनाए गए सोशल मीडिया अकाउंट के लॉगिन और गतिविधियों से जुड़े आईपी लॉग कानूनी प्रक्रिया के तहत हासिल किए गए। इससे इंटरनेट सेवा प्रदाता और कनेक्शन की जानकारी जुटाई गई। कानूनी नोटिस के जरिये अकाउंट से जुड़े उपलब्ध फोन नंबर, ई-मेल, लॉगिन हिस्ट्री और अन्य तकनीकी जानकारी मांगी गई। मोबाइल नंबर मिलने पर पुलिस ने सीडीआर और सीएफ का विश्लेषण किया। सिम किसके नाम पर है और किन नंबरों से संपर्क रहा, इसकी जानकारी जुटाई गई।
अधिकारी बोले
डिजिटल फॉरेंसिक जांच में डिवाइस से जुड़े तकनीकी संकेतों का मिलान किया गया। इससे अलग-अलग नामों से संचालित अकाउंट के पीछे एक ही डिवाइस के इस्तेमाल का सुराग मिला। -नृपेंद्र कुमार, एडीसीपी साइबर क्राइम