भूकंप में मृत आत्माओं की शांति के लिए जले दीप
- फोटो : Amar Ujala
म्यांमार एवं थाईलैंड में आए भूकंप में मृत लोगों की आत्मा की शांति के बौद्ध भिक्षुओं ने रविवार को मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में तथागत की प्रतिमा के समक्ष प्रार्थना की। मंदिर प्रगाढ़ में ही भूकं में मारे गए लोगों के आत्मा के शांति के लिए बुद्ध मूर्ति के समक्ष दीप दान कर, म्यांमार,थाई, श्रीलंका,तिब्बतन,जापानी परम्परा से पूजा व मंत्रउच्चारण किए।
वहीं शोख सभा का आयोजन थाई बौद्ध विहार व म्यांमार बौद्ध मंदिर के तत्वाधान में हुआ। शोख सभा का नेतृत्व महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया के महासचिव भिक्षु पी शिवली थेरो ने किया। उन्होंने कहा कि म्यांमार एवं थाईलैंड में आया विनाशकारी भूकंप दुर्भाग्यशाली है। भूकंप में हजारों लोगों की जान चली गई। सैकड़ों भवन जमींदोज हो गए।
भूकंप में मृत आत्माओं को शांति प्रदान करें। थाई मंदिर के प्रभारी मांगलिको ने कहा कि म्यांमार एवं थाईलैंड में 7.7 रैकेटियर का भूकंप आया। भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना कर एवं संयम रखकर ही इस दुःख की घड़ी से बाहर निकल सकते हैं। इंडो जम्बूद्वीप के प्रभारी के सीरी सुमेध थेरो ने कहा कि भगवान बुद्ध भूकंप में मृत लोगों की आत्मा की शांति प्रदान करें।
कहा कि थाईलैंड एवं म्यांमार दोनों ही देशों में बौद्ध अनुयाई रहते हैं। भूकंप में हजारों लोग मृत हो गए, यह बहुत दुख का विषय है। भारत सरकार भी दोनों देशों में राहत बचाव कार्यों को कर रही है। इस अवसर पर जापानी मंदिर की प्रभारी म्योजित्सू नागाकूबो, महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया सारनाथ के विहाराधिपति भिक्षु आर सुमितानंद थेरो ने विचार व्यक्त किया।
बौद्ध भिक्षुवो ने प्रार्थना करने के बाद म्यांमार व थाईलैंड में भूकंप से मारे गए लोगों के फोटो चित्र को लेकर मंदिर की प्रतिमा कर बौद्धि वृक्ष के नीचे रखकर दीप दान किया।