प्रोफेसर जायसवाल कुछ समझ पाते, इससे पहले ही दो छात्रों ने थप्पड़ जड़ दिया। इससे वह औंधे मुंह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद लात-घूंसो से जमकर पिटाई की गई। प्रो. जायसवाल के अनुसार, एक ने रिवाल्वर निकाला और उसकी मुठिया से वार किया। सोने की चेन लूटकर भाग निकले। हमलावरों ने वाणिज्य संकाय के प्रमुख का पद तत्काल छोड़ने की धमकी दी। ऐसा न करने पर जान से मारने की बात कही। पिटाई के दौरान मदद की गुहार लगाई, तब जाकर खेल मैदान में फुटबॉल खेल रहे छात्र आए।
छात्रों को देखते बाइक सवार हमलावर भाग निकले। प्रो. जायसवाल किसी तरह जान बचाकर विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और यहां प्रॉक्टोरियल बोर्ड की पेट्रोलिंग टीम को पूरी जानकारी दी। सुरक्षाकर्मी उन्हें साथ लेकर ट्रॉमा सेंटर गए, जहां उनका इलाज किया गया। शाम करीब 4 बजे घर भेज दिया गया।
प्रो. जायसवाल ने कहा कि बीएचयू परिसर में ऐसा होगा, इसकी कल्पना नहीं थी। परिसर में संकाय प्रमुख सुरक्षित नहीं है तो बाकी लोगों के साथ क्या हो रहा होगा? रविवार सुबह घटना हुई। इसके बाद कुलपति से शिकायत करने उनके आवास पर गए, लेकिन कुलपति से मुलाकात नहीं हो सकी। फिर चीफ प्रॉक्टर से शिकायत दर्ज कराई। निलंबित छात्र परिसर में कैसे घूम रहा, यह बड़ा सवाल है। निलंबन के दौरान छात्र का परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। जिन छात्रों ने घटना को अंजाम दिया, उन्हीं छात्रों ने गुर्टू हॉस्टल में एक दिन पहले तोड़फोड़ किया था। इसकी शिकायत प्रशासनिक संरक्षक ने चीफ प्रॉक्टर से की है।