घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज शुरू होने के कुछ देर बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके शरीर पर गहरे चोट के निशान पाए गए हैं। सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आनंद कुमार सहित कई चिकित्सक और कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए।
डॉ. अनुभव दो भाइयों में बड़े थे और अविवाहित थे। बताया जाता है कि उन्होंने अपने पिता की खराब तबीयत के चलते केजीएमयू की नौकरी छोड़कर सोनभद्र मेडिकल कॉलेज ज्वाइन किया था।
फिलहाल पुलिस प्रथम दृष्टया इसे सड़क हादसा मान रही है। प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा के अनुसार, दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सभी संभावित पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।