मनोचिकित्सा विभाग में दिखाने की थी तैयारी
एमबीबीएस छात्र नवनीत पराशर को मानसिक रूप से डिप्रेशन में होने की जानकारी उसके साथियों को हुई तो उन्होंने हॉस्टल के वार्डन को दी। इसके बाद वार्डन डॉ. आरएस मीना ने मनोचिकित्सा विभाग में उसे दिखाने के लिए डॉक्टर से बात की। वार्डन के मुताबिक नौ जून को ही उसे ओपीडी में दिखाया जाना था, लेकिन हॉस्टल से निकलकर बाहर चले जाने के वजह से दिखाया नहीं जा सका।
आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ने के साथ देख रहा था वीडियो
बीएचयू में 2015 बैच के एमबीबीएस छात्र पिछले कुछ दिनों से जहां गीता सहित कई आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ रहा था, वही आध्यात्म से जुड़े वीडियो भी मोबाइल और लैपटॉप पर देख रहा था। इसकी जानकारी 10 जून को हॉस्टल में नवनीत की तलाश करने पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के लोगों और वार्डन को छात्रों ने दी तो हर कोई इसक्रो समझ नहीं सका। हालांकि हॉस्टल से निकलने के बाद सीधे विंध्याचल मंदिर गया और वहां माता के दर्शन-पूजन के साथ ही वह नारियल-सिंदूर भी चढ़ाया। बताया जा रहा है कि उसी नारियल और सिंदूर को लेकर वह पूजा करने गया और सीढ़ी पर रख दिया। इसके बाद गंगा घाट की ओर निकल पड़ा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
नवनीत के हॉस्टल से लापता होने और विंध्याचल में उसकी बुलेट और चाबी मिलने की सूचना के बाद से ही परिजन गोपालगंज से वाराणसी के लिए निकल लिए थे। यहां उसकी डेडबॉडी मिलने की सूचना के बाद परिजन पहुंचे और उसकी बॉडी को पुलिस से बरामद किया। हालांकि पुलिस का कहना है कि संबंधित छात्र का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।