पवई थाने के सउदमा गांव निवासी श्यामनरायण मिश्रा के दो भाई अपने परिवार के साथ बाहर रहते हैं। उनका बड़ा बेटा रत्नेश मुंबई में रहकर नौकरी करता है। घर पर श्यामनरायण के अलावा उनकी पत्नी सुमन देवी, बेटी रीना, बेटा उमेश और रिंकू रहते थे। श्यामनरायण के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।
बुधवार रात भोजन करने के बाद श्यामनारायण दरवाजे के बाहर चारपाई पर सो गए, जबकि पत्नी, बेटी और बेटा अलग-अलग सोए थे। उनकी पत्नी सुमन देवी का कहना है कि सुबह वह जागी तो चारपाई पर नहीं थे। उसने सोचा कहीं घूमने गए होंगे। इसलिए खोजबीन नहीं की।
सुबह करीब दस बजे गांव का एक लड़का श्यामनरायण के घर के बगल में स्थित गली की तरफ किसी काम से गया तो उसने श्यामनरायण की लाश देखी। शव गली में छिपाया गया था। ऊपर से पुआल फेंका गया था। उस युवक ने पुलिस को सूचना दी तो पवई थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे।
पुलिस, डॉग स्क्वाड बुलाकर जांच करने लगी। इस दौरान श्यामनरायण के घर के भीतर छिपाकर रखा गया खून से लथपथ फावड़ा और बेटी रीना का खून से सना दुपट्टा बरामद हुआ। इसी शक के आधार पर पुलिस पत्नी सुमन देवी और बेटी रीना को हिरासत में लेकर थाने चली गई। जहां दोनों से पूछताछ की जा रही।