बीते मंगलवार को जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। रामचरण तीन भाइयों और चार बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनका विवाह करीब 18 वर्ष पूर्व शर्मिला देवी से हुआ था। वह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और वृद्ध मां फतंगिया देवी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। इस दौरान ग्राम प्रधान हरिशंकर चौहान, परशुराम मौर्य, संतोष गुप्ता, अनिल वर्मा, समाजसेवी गुड्डू (देवेंद्र चौहान), रामायण चौहान, राजन चौहान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
रामचरण की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य के निधन से उनके परिजनों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।