लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी एवं उच्च संसाधन वाले जिम से युक्त इंडोर स्टेडियम हो या छात्रों की सहूलियत के लिए बने मीडिया सेंटर एवं यू ट्यूब पर महाविद्यालय की सक्रियता, इन सबसे नैक के सदस्य प्रभावित थे। रिपोर्ट में हरे भरे परिसर, सोलर एनर्जी पर बढ़ती निर्भरता की भी प्रशंसा की गई है। एनएसएस एवं एनसीसी में छात्रों के कार्यों की भी सराहना मिली है। हालांकि नैक ने कुछ बिंदुओं पर प्रश्नचिन्ह भी लगाया है। जिसमें विद्यार्थी की तुलना में अध्यापकों के अनुपात में कमी, खेलकूद में राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भागीदारी एवं छात्रावास जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
नैक मूल्यांकन का परिणाम आते ही महाविद्यालय में हर्ष का माहौल है। शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने पूर्व प्राचार्य प्रो. सत्यदेव सिंह के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी सोच को देते हुए बधाई दी। तीन सदस्यीय टीम ने भी डीएवी के अकादमिक एवं प्रशासनिक प्रबंधन की तारीफ कर अन्य शिक्षण संस्थाओं को अनुकरण की सलाह दी थी। प्रो. सत्यदेव सिंह ने शिक्षकों, कर्मचारियों की मेहनत एवं प्रबंधन के सहयोग का आभार जताया। इस दौरान प्रबंधक अजीत कुमार सिंह, प्रो. सत्यगोपाल, डॉ. पीके सेन, प्रो. समीर कुमार पाठक एवं डॉ. पारुल जैन मौजूद रहे।