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मां की अर्थी बेटी ने उठाई तो देखने वालों का दहल उठा कलेजा, रिश्तेदारों की मदद से अंतिम संस्कार

Wed, 12 May 2021 08:55 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कबीरचौरा अस्पताल से एक मां की अर्थी उठी तो बेटी ने उसको कंधा दिया। यह देखकर हर आंख छलक उठी। सांस लेने में तकलीफ की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने की सलाह दी थी। 
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बेटी ने उठाई मां की अर्थी छलक उठीं सबकी आंखें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना वायरस के डर से जहां मानवीय संवेदनाएं दरकिनार होती जा रही हैं वहीं परंपराओं को तोड़कर नए प्रतिमान स्थापित हो रहे हैं। बुधवार को वाराणसी में ऐसा ही एक नजारा नजर आया. कबीरचौरा अस्पताल से एक मां की अर्थी उठी तो बेटी ने कंधा दिया. बेटी के कंधे पर मां की अर्थी देख हर आंख छलक उठी, कलेजा दहल उठा।
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गाजीपुर के जखनिया इलाके के एक छोटे से गांव बुखरा के रहने वाले रामचंद्र शर्मा अपनी पत्नी अनिता को बीते सात मई को कबीरचौरा स्थित शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल इलाज के लिए लाए थे। अनिता को सांस लेने में तकलीफ की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने की सलाह दी थी।

रामचंद्र ने पत्नी की देखभाल के लिए बड़ी बेटी पूजा (17) को भी बुला लिया। कक्षा 12 की छात्रा पूजा ने मां की देखभाल की। इस दौरान मंगलवार की शाम अनिता की तबियत बिगड़ने लगी तो पूजा ने पिता और स्थानीय रिश्तेदारों को फोन कर इसकी सूचना दी। बुधवार की सुबह इलाज के दौरान अनिता ने दम तोड़ दिया।
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रामचंद्र मजदूरी करके अपनी दो बेटियों पूजा और छोटी बेटी प्रीति का लालन पालन करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति भी सही न होने से उन्होंने अपने रिश्तेदारों का सहयोग मांगा। इस बीच उनके दूर के रिश्तेदार अभिषेक ने समाज सेवी अमन कबीर की मदद से शव की अंत्येष्टि कराई। 
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