पुलिस से भी उनकी धक्का-मुक्की हुई। हॉस्पिटल के कुछ बोर्ड आदि भी तोड़ दिए गए। घटना की फोटो खींचने पर कुछ लोगों की पिटाई भी की गई। लाख समझाने के बाद में परिजन यह मानने को तैयार नहीं थे कि सुमित उनके बीच अब नहीं रहा। चिकित्सक ने डर से अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया।
हालांकि पुलिस के समझाने के बाद धीरे-धीरे माहौल शांत हुआ। इस दौरान परिजनों के चीत्कार और कोहराम से पूरा सीएचसी परिसर गूंजता रहा। परिजनों के मुख से यही आवाज नहीं निकल रही थी कि लालगंज वालों ने उनके सुमित को मार दिया। भाभी और दीदी का रो-रो कर बुरा हाल था।
लड़की पक्ष के यहां फैला सन्नाटा, परिजन पहुंचे
एक तरफ सुमित की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ था, वही सुमित को गोली लगने की सूचना मिलते ही लड़की के पक्ष के यहां भी सन्नाटा पसर गया। आनन-फानन में परिजन सीएससी की तरफ भागे। लड़की के पिता लाल बहादुर गुप्ता का भी रो रो कर के बुरा हाल था।