इस दौरान लगभग 350 सैनिक मारे गए। इस दौरान नदी में कूदकर जान बचाने में कामयाब विद्याधर तब तक सेकंड लेफ्टिनेंट के पद पर प्रोन्नत हो चुके थे लेकिन ब्रिटिश सेना ने नदी पार करते ही इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया और अंडमान निकोबार जेल में बंद कर दिया। विद्याधर राय के बेटे अजय राय किसान और विजय राय एमआर हैं। उनके चार पोते और एक पोती है।