रोडवेज के आसपास से जारी है डग्गामार वाहनों का संचालन
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वाराणसी में कमिश्नरेट लागू होने के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि यातायात जाम और अवैध वाहनों के शहर में संचालन पर पाबंदी लग जाएगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की हजारों बार चेतावनी, सैकड़ों कार्रवाई के बावजूद डग्गामार वाहनों का संचालन शहर के अंदर से बदस्तूर जारी है।
अवैध वाहनों के संचालन का अड्डा बन चुके कैंट स्टेशन और रोडवेज के ईद-गिर्द से मिनी बसें और छोटे-बड़े वाहन विभिन्न रूटों पर दौड़ रहे हैं। इसमें कई तो बगैर नंबर और कितने फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहन शामिल हैं। यह हाल तब है, जबकि परिवहन विभाग ने इन वाहनों के खिलाफ अभियान छेड़ा है।
पुलिस की अनदेखी कह लें या फिर लापरवाही
कैंट स्टेशन और रोडवेज के आसपास से बनारस-आजमगढ़, बनारस-जौनपुर, बनारस-प्रयागराज और बनारस-गाजीपुर के लिए अनाधिकृत वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यही नहीं, रोडवेज के ठीक सामने से जीप और कार, क्रूजर लगाकर बलिया और प्रयागराज के लिए भी सवारियां बैठाई जा रही हैं।
रोडवेज पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले इन स्थानों पर पुलिस कर्मी भी तैनात रहते हैं। परिवहन विभाग से लेकर इलाकाई पुलिस की अनदेखी कह लें या फिर लापरवाही के चलते इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
दृश्य-एक
मंगलवार दोपहर 12.30 बजे कैंट रोडवेज बस स्टेशन के सामने बस संख्या यूपी 65 बीटी 3761 के चालक जौनपुर और यूपी 65 एचटी 5857 के चालक आजमगढ़ के लिए सवारियां बैठा रहे थे।
दृश्य- दो
मंगलवार दोपहर 12.45 बजे कैंट के कमलापति इंटर कॉलेज के सामने से बस संख्या यूपी 70 एफटी 1777 और यूपी 70 जीटी 0828 में प्रयागराज और गोपीगंज के लिए सवारियां भरी जा रही थीं। जबकि उसी लेन में ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी चौराहे के पास खड़े थे।
रोडवेज कर्मियों से होती है मारपीट
डग्गामार वाहन
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डग्गामार वाहनों की मनमानी रोडवेज परिसर में भी जारी रहती है। परिसर में आए यात्रियों को बहला फुसलाकर उनके एजेंट इन वाहनों में भर लेते हैं। इसका विरोध करने पर अक्सर रोडवेज कर्मियों व डग्गामार संचालकों में विवाद होता है। नियम के अनुसार रोडवेज के एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी डग्गामार वाहनों को सवारी भरने की अनुमति नहीं है।