डीएवी पीजी कॉलेज में साइबर सिक्योरिटी कोर्स में एक्सपर्ट ने डिजिटल फ्रॉड से बचने की तरकीब सिखाई गई। उन्होंने कहा कि पुलिस कभी भी ऑनलाइन पूछताछ नहीं करती है। इसलिए जालसाजों के पुलिस बनकर धमकाने से डरें नहीं।
साइबर सिक्योरिटी कोर्स के तहत वर्कशॉप में डीएवी पीजी कॉलेज में छात्र और छात्राओं को डिजिटल फ्रॉड से बचने की तरकीब सिखाई गई। कहा गया कि पुलिस के नाम से आने वाली कॉल से डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस ऑनलाइन पूछताछ नहीं करती है। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह ने कहा कि साइबर ठगों से डरने की जरूरत नहीं है। टोल फ्री नंबर 1930 पर तत्काल सूचना दें। पिछले एक साल में 100 से ज्यादा ठगों, जालसाजों से 5.5 करोड़ रुपये वसूले गए।
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साइबर विशेषज्ञ एएसआई श्यामलाल गुप्ता ने बताया कि 300 से ज्यादा तरीके से साइबर ठगी की जा रही है। सिगरा से लेकर भेलूपुर ठगी का हॉट स्पॉट जोन है। वाराणसी में 8-10 केस रोजाना दर्ज किए जा रहे हैं।
बीएचयू में लॉ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मयंक प्रताप ने कहा कि साइबर हमलों में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है। ऐसे में हमें और जागरूक रहना होगा। अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने कहा कि जल्दी पैसा कमाने की होड़ ही हमें इनके जाल में फंसाती है।
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कार्यकारी प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि साइबर अपराध विज्ञान और तकनीक के दुरुपयोग का विकृत स्वरूप है। आइक्यूएसी के अंतर्गत संचालित यूजीडीसीए के कंप्यूटर सेंटर द्वारा ये वर्कशॉप कराई गई।