कुल मामलों में हर पांचवां मामला महिलाओं से जुड़ा रहा। पुलिस के अनुसार टेलीग्राम ग्रुप के जरिए घर बैठे कमाई, निवेश पर दोगुना मुनाफा और ऑनलाइन टास्क का लालच देकर दो साल में 70 महिलाओं से करीब 67 लाख रुपये की ठगी की गई। विवेचना में सामने आया कि शुरुआत में कुछ रुपये का फायदा दिखाकर भरोसा जीता गया और बाद में बड़ी रकम निवेश कराने के बाद आरोपी फरार हो गए। मामूली कैशबैक और डिस्काउंट का लालच भी लोगों पर भारी पड़ रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बीते दो वर्षों में फर्जी स्क्रीनशॉट, पांच रुपये कैशबैक, फ्री गिफ्ट और रिवार्ड प्वाइंट के नाम पर 80 लोगों से ठगी की गई। साइबर ठग लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर लेते हैं या बैंक डिटेल हासिल कर खातों से रकम पार कर देते हैं।
केस- 1
पुलिस लाइन में तैनात एक पुलिसकर्मी साइबर ठगी का शिकार हुआ था। साइबर ठगों ने बातों में उलझाकर उससे 30 हजार रुपये की ठगी कर ली थी। मामले में कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
केस- 2
लंका थाना क्षेत्र निवासी एक प्रोफेसर ऑनलाइन नंबर सर्च करने के दौरान साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें झांसे में लेकर 44 हजार रुपये की ठगी कर ली। उन्होंने मामले की शिकायत दर्ज कराई।
केस- 3
सिगरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ नामी कंपनी का नंबर सर्च करने के दौरान 88 हजार रुपये की साइबर ठगी हुई। मामले की जांच सिगरा पुलिस और साइबर सेल कर रही है।
अधिकारी बोले
वर्जनलोग बिना सत्यापन किए इंटरनेट पर उपलब्ध नंबरों पर भरोसा कर लेते हैं, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं। लोगों से अपील है कि किसी भी संस्था का नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत एप से ही प्राप्त करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें और साइबर पोर्टल पर सूचना दें। समय रहते शिकायत मिलने पर ठगी गई रकम को होल्ड कराया जा सकता है। -विदुष सक्सेना, एसीपी साइबर क्राइम