Rangbhari Ekadashi: विश्वनाथ मंदिर के बाहर पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार की शिकायत पुलिस कमिश्नर से भी की गई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने एडिशनल एसपी वीरेंद्र कुमार के कृत्य पर गहरी नाराजगी जताई है। कहा कि इस तरह का व्यवहार किसी भी तरह से उचित और क्षम्य नहीं है। भविष्य में ऐसी घटना न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ के धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू हो गई। भीड़ का आलम यह था कि मंदिर के गंट नंबर चार के प्रवेश द्वार पर भीड़ के दबाव से बैरिकेडिंग टूट गई। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस ने श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया। भीड़ का दबाव देखते हुए मंदिर में प्रवेश भी रोकना पड़ा।
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बुधवार की शाम को बाबा विश्वनाथ की गौना की पालकी जब विश्वनाथ धाम में पहुंची तो उसके पीछे-पीछे श्रद्धालुओं का रेला टूट पड़ा। श्री काशी विश्वनाथ गली और ढुंढिराज गेट तक तिल रखने की जगह नहीं थी। मां गौरा की रजत पालकी को छूने की होड़ में भीड़ का दबाव ज्यादा हो गया। गेट नंबर चार पर तो भीड़ पूरी तरह से बेकाबू हो गई और दबाव के कारण बैरिकेडिंग जमीन पर गिर गई। इसके बाद पुलिस ने कई श्रद्धालुओं पर हाथ भी छोड़ दिए। इस दौरान कुछ श्रद्धालुओं को हल्की-फुल्की चोटें भी आईं।
वहीं, कुछ वरिष्ठ पत्रकारों के साथ भी पुलिस के अधिकारियों ने दुर्व्यवहार किया। पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार की शिकायत पुलिस कमिश्नर से भी की गई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने एडिशनल एसपी वीरेंद्र कुमार के कृत्य पर गहरी नाराजगी जताई है। कहा कि इस तरह का व्यवहार किसी भी तरह से उचित और क्षम्य नहीं है।
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भविष्य में ऐसी घटना न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। सभी के सम्मान की रक्षा करना हमारा दायित्व है। पत्रकार बंधुओं के कर्तव्य के निर्वहन के दौरान यदि कोई उनसे बदसलूकी करेगा तो वह बख्शा नहीं जाएगा।