तिलमापुर में रंगीलदास पोखरा चौराहे के समीप व्यवसायी राजकुमार यादव की हत्या के नौ माह बाद 25 हजार के इनामी बदमाश को सारनाथ थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बदमाश की पहचान आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना के चककाजी पठान टोला निवासी जावेद अहमद के रूप में हुई है। जावेद के अनुसार हत्या के लिए उसे डेढ़ लाख रुपये दिए गए थे। जावेद को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
आदमपुर थाना क्षेत्र के मुकीमगंज निवासी व्यवसायी राजकुमार यादव 14 जुलाई 2023 को स्कूटी से अपने बेटे को सारनाथ थाना के लेपुर स्थित स्कूल छोड़ने गए थे। वापसी के दौरान रंगीलदास पोखरा चौराहा के समीप दो वाइक सवार बदमाशों ने तीन गोली मार कर उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश जेल में बंद राजकुमार के भाई विजय यादव ने अपने दोस्त मऊ के मूल निवासी और लखनऊ में रहने वाले धर्मेंद्र मौर्य के साथ रची थी।
एसीपी सारनाथ अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि विजय यादव के अलावा इस वारदात में शामिल दो शूटर और जावेद सहित सात आरोपी अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। रविवार की सुबह सूचना मिली कि जावेद फरीदपुर अंडरपास के पास अपने किसी परिचित से मिलने आया है। इस सूचना के आधार पर सारनाथ थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने दरोगा प्रदीप सिंह व महेश मिश्रा के साथ घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
जेल में ही बात हुई, हत्या के बाद भाग गया मुंबई
सारनाथ थानाध्यक्ष की पूछताछ में जावेद ने बताया कि जेल में उसकी मुलाकात धर्मेंद्र यादव से हुई। धर्मेंद्र ने उसे बताया कि उसका दोस्त विजय यादव भी जेल में बंद है। विजय के भाई राजकुमार की हत्या करनी है और उसके बदले में डेढ़ लाख रुपये मिलेंगे। जावेद ने बताया कि जेल से छूटने के लगभग तीन माह बाद उसे जालंधर साहनी मिला। 14 जुलाई 2023 को उसने अपने दोस्त रितेश उर्फ गोलू और मोहम्मद अहमद के साथ राजकुमार की हत्या की थी। इसके बाद वह मुंबई भाग गया था।