कैंट स्टेशन की जीआरपी तब तक फरियादियों की नहीं सुनती, जब तक सीओ या उससे बड़े अधिकारी डंडा न चलाएं। सोमवार की दो घटनाएं तो यही बताती हैं। उचक्कागीरी की शिकार पत्नी की जीआरपी ने नहीं सुनी तो फौजी ने ट्वीट कर अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया।
एक विदेशी युवक जहरखुरानी का शिकार हुआ तो उसे भी टरका दिया। दोनों मामले में बात जब सीओ तक पहुंची तो उन्होंने फटकार लगाई। उनके निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई।
सोमवार को लखनऊ-छपरा से एक छोटे बच्चे के साथ वाराणसी आ रहीं किरण पांडेय का बैग उचक्के छीन कर भाग गए। किरण जब कैंट पहुंचीं तो जीआरपी थाने में गईं। यहां से उन्हें वापस भेज दिया गया। कहा गया कि ऐसी घटनाएं तो रोज होती हैं।
उसने जबलपुर में तैनात पति चिदानंद पांडेय को जानकारी दी। चिदानंद गाजीपुर के रेवतीपुर के रहने वाले हैं। चिदानंद ने रेल मंत्रालय और अधिकारियों को ट्वीट कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद जानकारी जीआरपी सीओ अनिल राय तक पहुंची।
वहीं दूसरी ओर मंडुवाडीह सुपरफास्ट एक्सप्रेस से एक विदेशी बानओ इंडरासो सफर कर रहा था। जहरखुरानों ने नशीला पदार्थ खिलाकार उसका बैग लेकर फरार हो गए। वह भी जीआरपी थाने पर शिकायत करने पहुंचा तो टालमटोल कर वापस कर दिया गया।
सीओ के संज्ञान में लेने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ। ऐसा ही एक मामला 31 मार्च को भी सामने आया था।