फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीबीडी में कराया था 38 लाख की लागत से नाली का काम, कई और ठेकेदारों के करोड़ों रुपये फाइलों में दबे

Thu, 29 Aug 2019 04:59 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव का बेटा अपनी मां को संभालता हुआ। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

ठेकेदारों से काम कराने के बाद भुगतान नहीं करने का सबसे ताजा उदाहरण आठ महीने पहले प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन है। लोक निर्माण विभाग में गोली मारकर आत्महत्या करने वाले ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव की कंपनी मेसर्स अवधेश चंद्र श्रीवास्तव कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 38 लाख रुपये की लागत से सड़क किनारे नाली का काम कराया था।

विज्ञापन


मगर, आठ माह बाद भी इस काम का उन्हें कोई भुगतान नहीं किया गया। ऐसा ही एक मामला चित्रांस कंस्ट्रक्शन कंपनी का भी है, जिसने पीबीडी के दौरान बड़ा लालपुर स्थित स्टेडियम की बाउंड्रीवाल, भवनों की मरम्मत, बोरिंग और विद्युतीकरण से जुड़ा 35 लाख रुपये का काम कराया था।

ये भी पढ़ें : कमीशन के चक्कर में होता है बजट रिवाइज का खेल, बजट बढ़ाने के लिए रोकते है ठेकेदार का भुगतान
विज्ञापन


प्रवासी भारतीय दिवस में लोक निर्माण विभाग ने अलग अलग तीन करोड़ रुपये से ज्यादा का काम शहर में अलग-अलग ठेकेदारों से कराया था। छह महीने बाद भी भुगतान नहीं होने पर ठेकेदारों ने विभाग से पत्राचार किया।

इसमें फर्म की ओर से पत्र लिखकर भुगतान नहीं होने पर न्यायालय जाने की बात तक लिखी गई। इस पर तत्कालीन मुख्य अभियंता जेपी पांडेय ने फर्मो को धमकी भरा पत्र लिखा था। जिसमें साफ लिखा हुआ है आप भुगतान के लिए इंतजार नहीं कर सकते तो क्यों न आप का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाए। यह भी लिखा कि भविष्य में किसी तरह का पत्राचार किया तो आपका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।

ये भी पढ़ें : बच्चे मिड डे मील खा रहे अलग बैठकर, जातिगत भेदभाव का मामला सुन स्कूल पहुंचे डीएम, जानें क्या है हकीकत

काम के बल पर हर दल में थी अवधेश की पहुंच :
15 साल से ठेकेदारी कर रहे अवधेश श्रीवास्तव भवन निर्माण के कामों से अपनी पहचान बनाई थी। पिछली बसपा और सपा की सरकार में भी उन्हें खूब काम मिले। वर्तमान में सर्किट हाउस के उच्चीकरण का काम और कबीरचौरा के 100 शैय्या के मैटरनिटी विंग का काम उनकी फर्म कर रही थी। इसके अलावा डोमरी में साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का काम भी उन्हें मिला था। मगर न्यायालय से स्टे होने के कारण वह काम रुक गया था।
विज्ञापन

पत्नी बोलीं- मिश्रा ने कर दिया बर्बाद
अवधेश श्रीवास्तव की पत्नी प्रतिभा को जब इस घटना की जानकारी मिली तो वे फूट पड़ी और बिलखते हुए बोलीं- मिश्रा ने हम सबको बर्बाद कर दिया। वे बार-बार लोक निर्माण विभाग के किसी मिश्रा को पूरी घटना के लिए कोस रही थीं और कह रही थीं कि उसने बहुत प्रताड़ित किया।

ये भी पढ़ें : ठेकेदार आत्महत्या मामला : पत्नी की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ मुदकमा दर्ज, इनको बनाया आरोपी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें