इसमें फर्म की ओर से पत्र लिखकर भुगतान नहीं होने पर न्यायालय जाने की बात तक लिखी गई। इस पर तत्कालीन मुख्य अभियंता जेपी पांडेय ने फर्मो को धमकी भरा पत्र लिखा था। जिसमें साफ लिखा हुआ है आप भुगतान के लिए इंतजार नहीं कर सकते तो क्यों न आप का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाए। यह भी लिखा कि भविष्य में किसी तरह का पत्राचार किया तो आपका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।
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काम के बल पर हर दल में थी अवधेश की पहुंच :
15 साल से ठेकेदारी कर रहे अवधेश श्रीवास्तव भवन निर्माण के कामों से अपनी पहचान बनाई थी। पिछली बसपा और सपा की सरकार में भी उन्हें खूब काम मिले। वर्तमान में सर्किट हाउस के उच्चीकरण का काम और कबीरचौरा के 100 शैय्या के मैटरनिटी विंग का काम उनकी फर्म कर रही थी। इसके अलावा डोमरी में साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का काम भी उन्हें मिला था। मगर न्यायालय से स्टे होने के कारण वह काम रुक गया था।