परिजनों से नाराज होकर घर से निकली एक युवती के अनुसार उसे पटना का एक प्रोफेसर बेटी की तरह घर में रखने का आश्वासन देकर अपने साथ ले गया। इसके बाद बंधक बनाकर तीन साल तक दुष्कर्म किया। किसी तरह से प्रोफेसर के चंगुल से छूटकर युवती अपने घर आई तो परिजनों को आपबीती सुनाई। वाराणसी के लंका थाने में युवती की तहरीर के आधार पर पटना की पाटलीपुत्र कॉलोनी निवासी प्रो. डीएन सिंह (धर्मेंद्र) के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्जकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मंडुवाडीह थाना अंतर्गत एक मुहल्ले की युवती के अनुसार, जून 2016 में उसका हाईस्कूल का रिजल्ट आया तो वह फेल थी। इसके बाद परिजन अच्छे से पढ़ाई करने का दबाव बनाने लगे तो वह नाराज होकर 15 मई 2017 को घर से निकल कर लंका स्थित बीएचयू गेट पहुंची। शाम सात बजे के लगभग उसे प्रो. डीएन सिंह बीएचयू गेट के समीप मिला और अकेले बैठ कर उससे बातचीत करने लगा।
बातचीत में ही डीएन सिंह में उसे अपने घर ले चलने और बेटी के जैसे रखने की बात कही तो वह साथ चली गई। पटना जाने के चार दिन बाद ही डीएन सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर एक कमरे में बंद कर दिया। इस बीच, उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।