गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने अरविंद को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। यहां आने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। घायल का उपचार वाराणसी में एक निजी अस्पताल में चल रहा था। इस मामले में प्रमोद ने तीन और धर्मदेव राम ने पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस छानबीन में जुट गई थी। वाराणसी में उपचार के दौरान मंगलवार को अरविंद की मौत हो गई। शव आते ही घर में कोहराम मच गया। परिवार के लोग चीख-पुकार करने लगे। लोगों द्वारा लाख सांत्वना देने के बाद भी पत्नी पूनम के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
वह रोते-रोते कभी पूरी तरह से शांत हो जा रही थी तो कभी अपने पुत्रों सौरभ(12) और सूरज(8) का चेहरा देख दहाड़े मारकर रोने लग रही थी। इस संबंध में थानाध्यक्ष विनीत राय ने बताया कि दोषियों की तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।