सिगरा क्षेत्र के एक होटल के कुक रमदत्तपुर निवासी रघुवर कुमार भारती को करौंदी की युवती से मुहब्बत हुई और खर्चे बढ़े तो वह इलाके के ही डॉ. विकास से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांग बैठा। मामले में रघुवर का दोस्त पंकज हरिजन भी शामिल है।
उधर, बलिया के बैरिया के मधुबनी निवासी रोहित उर्फ चंदन उर्फ सिंटू ने तिलमापुर के पूर्व प्रधान यशनाथ मिश्र से मुन्ना बजरंगी के नाम पर तीस लाख की रंगदारी मांगी थी। दोनों मामलों में क्राइम ब्रांच ने बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। रघुवर और पंकज को सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ के पास से शुक्रवार को और रोहित को सारनाथ रेलवे स्टेशन से शनिवार को गिरफ्तार किया गया। तीनों के पास से एक अवैध रिवाल्वर, कट्टा, चार कारतूस, चार मोबाइल और एक बाइक बरामद हुई है।
पुलिस लाइन सभागार में शनिवार को एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि सिगरा के माधोपुर निवासी डा. विकास को फोन कर 24 अगस्त को हनी सिंह के नाम पर पांच लाख की रंगदारी मांगी गई। फिर 25 अगस्त को उनके घर पर हनी के नाम की चिट्ठी फेंकी गई। क्राइम ब्रांच ने डॉ. विकास को फोन करने वाले को शुक्रवार को भारत सेवाश्रम संघ के पास बुलाने को कहा। डॉ. विकास खाली सूटकेस लेकर खड़े थे, तभी दो युवक बाइक से आए जिन्हें क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया। रघुवर ने बताया कि लड़की से प्रेम करता है और घूमने-फिरने का खर्च संभालना मुश्किल था। डॉ. विकास के मकान में उसके होटल का स्टॉफ किराए पर रहता था। उसका भी वहां आनाजाना था। इसी दौरान डॉ. विकास के बारे में जानकारी जुटाई और मुस्तफा के नाम से रंगदारी मांगी।
वहीं, बीते 15 अप्रैल को तिलमापुर के पूर्व प्रधान और ऑटो एजेंसी संचालक यशनाथ मिश्र को फोन कर 15 जुलाई तक 30 लाख रुपये झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी के पास पहुंचाने के लिए कहा गया था। पूर्व प्रधान को धमकाने के लिए 26 अप्रैल को घर के बाहर फायरिंग भी की गई थी। शनिवार की दोपहर सारनाथ स्टेशन के बुकिंग काउंटर के पास से रोहित को गिरफ्तार कर लिया गया। बदमाशों की गिरफ्तारी में क्राइम ब्रांच के इंटेलीजेंस विंग प्रभारी अतुल नारायण सिंह, सर्विलांस विंग प्रभारी ओम नारायण सिंह, सिगरा एसओ बृजेश चंद्र तिवारी आदि शामिल रहे। एसएसपी ने कहा कि रंगदारी मांगने वाले फरार इनामी बदमाश बीकेडी और उसके गिरोह पर भी काम चल रहा है। जल्द बड़ी सफलता मिलेगी।