डीएम के निर्देश पर 26 जुलाई को सहायक आयुक्त एवं सहायक निंबधक सहकारिता ने समिति के सदस्यों को नोटिस जारी कर कई बिंदुओं पर जवाब मांगा था। लेकिन किसी ने नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया। वहीं एडीएम की देखरेख में घोरावल एसडीएम ने समिति की जमीन की जांच शुरू की तो पता चला कि सर्वे प्रक्रिया के अंतर्गत उभ्भा गांव है।
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इस संबंध में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जांच प्रक्रिया के दौरान यह तथ्य सामने आया कि फर्जी आदेशों के माध्यम से बंजर की भूमि को आदर्श कृषि सहकारी समिति के नाम दर्ज कर दिया गया है। कहा कि आदर्श कृषि सहकारी समिति की उभ्भा में 503 बीघे और सपही में 632 बीघे जमीन को बंजर खाते में दर्ज करा दिया गया है। इसके अलावा समिति के खिलाफ अग्रिम कार्यवाही जारी है।
जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि निष्पक्ष ढंग से आदर्श कृषि सहकारी समिति की जमीन की जांच कराई गई। जांच के बाद समिति की उभ्भा गांव में 503 बीघी जमीन और सपही गांव में 632 बीघा जमीन को ग्रामसभा के बंजर खाते में दर्ज कर लिया गया है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिस सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा होगा उसको खाली कराया जाएगा।