सोनभद्र में दो माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में आशिफ की हुई मौत का मामला अब तक एक पहेली बनी हुई है। मामले में हर रोज एक नया मोड़ आ रहा है।
परिवार वालों की मांग पर पहले कब्रिस्तान से शव निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।
अब उन्ही की मांग पर रामपुर बरकोनिया थानाध्यक्ष से विवेचना हटा दी गई है। अब सोनभद्र एसपी ने राबर्ट्सगंज कोतवाल को इस मामले की जांच सौंपी है।
गौरतलब है कि 31 अक्तूबर को पिकनिक मनाने गए पन्नूगंज थाना क्षेत्र के रामगढ़ निवासी फैज वारिस का बेटे आशिफ की रामपुर बरकानिया थाना क्षेत्र के जोगदहवा नाले में शव मिला था।
आशिफ के परिवार के लोगों ने हत्या की आशंका जताई थी। सात नवंबर को पिता की तहरीर पर पुलिस ने छह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया।
इसी बीच परिवार वालों ने डीएम से मिलकर शव को फिर से पोस्टमार्टम कराने की मांग की। आरोप है कि सही ढंग से पोस्टमार्टम नहीं किया गया। 24 दिसंबर को एसडीएम अशोक कुमार यादव ने कब्र से शव का निकलवाया।
उसी दिन जिला अस्पताल में पांच डॉक्टरों की टीम डॉ. पीबी गौतम, डॉ. एके मंजूल, डॉ. दयाशंकर और डॉ. अनुराग वर्मा ने शव का पोस्टमार्टम किया।
उसके बाद आशिफ के पिता फैज वारिस ने एसपी को रामपुर बरकोनिया एसओ पर आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए विवेचना किसी और थाने से कराने की मांग की।
एसपी लल्लन सिंह यादव ने बताया कि राबट्र्सगंज कोतवाल को आशिफ के मौत की विवेचना नये सिरे से करने को कहा गया है।