वाराणसी। एक साल बीतने को आया, लेकिन नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दर्ज मुकदमों के सभी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके। भेलूपुर, चौक, दशाश्वमेध और लंका थाने की पुलिस को अभी भी सीएए के विरोध-प्रदर्शन के प्रकरणों को लेकर दर्ज मुकदमों में 29 लोगों की तलाश है।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बीते साल नवंबर और दिसंबर महीने में शहर के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान 20 दिसंबर 2019 को बजरडीहा में प्रदर्शन के दौरान पथराव और भगदड़ में एक बच्चे की मौत हो गई थी। इन प्रदर्शनों को लेकर लंका, लोहता, बड़ागांव, कैंट, दशाश्वमेध, चौक और शिवपुर थाने में एक-एक मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं, चेतगंज थाने में दो और भेलूपुर थाने में तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों में 123 लोग नामजद किए गए थे, जबकि 47 का नाम बतौर आरोपी विवेचना के दौरान प्रकाश में आया था। इन आरोपियों में से 85 गिरफ्तार किए गए, 27 ने समर्पण किया और 17 ने अदालत से अरेस्ट स्टे ले रखा है। अभी भी 29 ऐसे आरोपी हैं, जिनकी गिरफ्तारी भेलूपुर, चौक, दशाश्वमेध और लंका थाने की पुलिस द्वारा किया जाना शेष है। इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि भेलूपुर थाने से वांछित 19 आरोपियों के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है, शेष 10 के खिलाफ विधिक कार्रवाई प्रचलन में है। इसके साथ ही 12 में से 11 मुकदमों से संबंधित चार्जशीट अदालत में दाखिल की जा चुकी है। संबंधित थानाध्यक्षों को कहा गया है कि जो भी आरोपी वांछित हैं, उनके संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दें।