पूर्व एयरफोर्स अधिकारी के मृत भाई की धोखे से 40 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने और जान से मारने धमकी के मामले में सोमवार को मंडुवाडीह थाने में दंपती समेत छह नामजद और 6 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। लहरतारा निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कमांडर राय अजय कुमार ने पुलिस को बताया कि मंझले भाई राय विमल कुमार अमेरिका में डॉक्टर थे। 2017 में वे भारत लौटे और वाराणसी में अपने पैतृक निवास व एंबी वैली में रहने लगे।
आरोप है कि कैलाश दामू मालखेड़े और उनकी पत्नी नीता ने देखभाल के बहाने राय विमल कुमार के घर में प्रवेश किया। दंपती ने उन्हें शराब में नशीली दवाएं मिलाकर दीं, जिससे वे अस्वस्थ हो गए। दंपती ने उनके बैंक खातों, डेबिट कार्ड, जमीन के कागजात, लैपटॉप और मोबाइल पर कब्जा कर लिया। फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में नॉमिनी बनवा लिया।
आरोप है कि राय विमल कुमार के जीवित रहते और उनकी मृत्यु के बाद, करीब 40 करोड़ रुपये की राशि अपने खातों में स्थानांतरित कर ली। आरोपियों ने 28 अगस्त 2025 और 30 मई 2026 को घर में घुसकर धमकी दी और मारपीट भी की। मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि छह नामजद आरोपियों में कैलाश दाम मालखेडे़, नीता मालखेड़े, चंद्रमोहन रामस्वरुप बग्गा, सुयश भीमरव सीताफले, सिमरन चंद्र मोहन बग्गा, वैभव देवीदास घुगरे समेत 6 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एलआईसी पॉलिसी के नाम पर 39 लाख की धोखाधड़ी
जंसा थाना क्षेत्र में एलआईसी पॉलिसी में निवेश के नाम पर ग्रामीणों से 39 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर जंसा पुलिस ने सोमवार को तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन आरोपियों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं, जिन्होंने फर्जी कंपनियों की रसीदें थमाकर ग्रामीणों को ठगा। जलालपुर, महम्मदपुर, बड़ौरा, झबरा और गंगापुर के ग्रामीणों को निशाना बनाया गया। बेरुका गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा, कृष्ण कुमार सिंह और रितेश कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। आरोपियों ने एलआईसी में पैसे लगाने का झांसा दिया। एलआईसी में पैसा न लगाकर फर्जी कंपनियों की रसीदें व कूटरचित बॉन्ड दिए। पीड़ितों को बताया गया कि ये कनेक्टिंग कंपनियां हैं और इनमें ज्यादा लाभ मिलेगा। आरोपियों ने किस्तों और एकमुश्त रूप में 39 लाख सात हजार रुपये हड़प लिए। पीड़ित दिनेश सोनी, खटाई, रामजी पटेल सहित कई अन्य लोगों से रुपये हड़पे गए। जब पीड़ितों ने परिपक्वता का पैसा मांगा, तो आरोपी टालमटोल करने लगे और बाद में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। थाना प्रभारी सत्यजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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डीएम कार्यालय परिसर में अधिवक्ता से मारपीट, जानलेवा हमले का आरोप
जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में एक चैंबर में सोमवार सुबह अधिवक्ता से मारपीट और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। यमुना नगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता राहुल सिंह की तहरीर पर कैंट पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। राहुल ने पुलिस को बताया कि सुबह 11.30 बजे सुमंत रघुवंशी, अरुण कुमार सिंह, वृद्वी रघुवंशी और नीतू कुछ लोगों के साथ उनके चेंबर में घुस गए। रंजिश के चलते उन्होंने गाली-गलौज की। सुमंत और अरुण ने गला पकड़कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया। आरोप है कि दोनों ने गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। शोर सुनकर आसपास के अधिवक्ता मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। भीड़ जुटते देख आरोपी वहां से भाग निकले। कैंट इंस्पेक्टर राजकिशोर पांडेय ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जमीन लीज पर लेने के आरोप में प्राथमिकी
कछवा रोड के गुड़िया गांव में बिजली निगम के अधिशासी अभियंता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर एक 70 साल की महिला को नशीला पदार्थ खिलाकर जमीन लीज पर लेने का आरोप है। यह जमीन पेट्रोल पंप निर्माण के लिए ली गई थी। शिकायतकर्ता हरिश्चंद्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी शिकायत की थी। हरिश्चंद्र ने पुलिस को बताया कि सुनील कुमार ने उनकी मां मुंगरी देवी को नशीला पदार्थ दिया। इसके बाद पत्नी शर्मिला देवी के नाम पर कृषि योग्य जमीन का लीज करा लिया। सुनील ने जमीन पर कब्जा कर पेट्रोल पंप का निर्माण शुरू कर दिया है। हरिश्चंद्र ने आरोप लगाया कि मां से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने बताया कि शिकायतकर्ता की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।