मसरूर व अलीशेर इस समय दुबई में है। मेंहनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दो नामजद आरोपियों रिजवान और कासिफ को शुक्रवार की सुबह एफसीआई गोदान जाफरपुर के पास से पकड़ लिया। कासिफ के पास से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और दो कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने एक बाइक भी बरामद की है। एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। विदेश में बैठे दो साजिशकर्ताओं को भी विदेश मंत्रालय के माध्यम से लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गांव की राजनीति और दुबई का कारोबार घटना का कारण
आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि कलामुद्दीन की हत्या गांव की राजनीति और दुबई के कारोबार की प्रतिद्वंद्विता के चलते हुई है। यह प्रतिद्वंद्विता नई नहीं है। वर्ष 1989 से इसकी शुरुआत हुई थी, जब कलामुद्दीन व साथियों ने दूसरे पक्ष के होमगार्ड जलालुद्दीन की हत्या कर दी थी। दूसरे पक्ष ने 2012 में कलामुद्दीन के खास खुर्शीद की हत्या कर इसका बदला लिया था।
इसके बाद कलामुद्दीन ने दूसरे पक्ष के कामरान की हत्या करवाई थी। कामरान की हत्या के बाद से ही कलामुद्दीन की हत्या की कोशिश की जा रही थी। कलामुद्दीन पर एक बार हमला हुआ था, लेकिन वह बाल-बाल बच गए थे। जबकि उनके पुत्र को गोली लग गई थी। दुबई के अवैध कारोबार के बाबत एसपी ने कहा कि यह हवाला का हो सकता है, लेकिन अभी इसकी जांच पड़ताल की जा रही है।