मां और भाई के साथ क्रिकेटर चंदन (नीले टी शर्ट में)।
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यूपी के सोनभद्र के शक्तिनगर क्षेत्र का रहने वाला टीम इंडिया का दृष्टिबाधित (दिव्यांग) क्रिकेटर चंदन दिव्यांगता व तंगी से नहीं उपेक्षा से हार गया। कभी मैदान में चौका छक्का जड़ने वाला चंदन अब फुटपाथ पर चना लाई बेच अपना व परिवार का जीविका चलाने के लिए बाध्य है। मुफलिसी में जीवन काट रहे चंदन ने प्रधानमंत्री व खेल मंत्री को पत्र भेज मदद मांगी है।
शक्तिनगर के पीडब्ल्यूडी मोड़ क्षेत्र का रहने वाला चंदन राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया। इसके लिए उसे कई प्रमाण पत्र मिले। देश के लिए खेलने का जज्बा लिए चंदन व्यवस्था से हार गया। परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने व कोई मदद नहीं मिलने से चंदन का हौसला टूट रहा है। अब स्थिति यह है कि खुद व परिवार की आजीविका के लिए हाइवे किनारे फुटपाथ पर लाई-चना भुनने के लिए मजबूर हैं।
चंदन को मलाल है प्रतिभा को सरकार की ओर से जो चाहिए वह सम्मान नहीं मिला है। चंदन फिलहाल उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड (यूपीसीएबी) के उप कप्तान हैं। सचिन तेंदुलकर को आदर्श बताने वाले चंदन के पिता प्यारेलाल की सात संतानें है। तीसरे नंबर चंदन हैं। 12वीं तक पढ़े 22 वर्षीय चंदन, 2017 में दिव्यांग क्रिकेटर लव वर्मा के संपर्क में आए।