इसी तरह ज्ञानवापी परिसर मेें दूसरे समुदाय के लोगों का प्रवेश रोकने की मांग से संबंधित याचिका दाखिल करने वाली किरण सिंह, विश्व हिंदू सनातन संघ के संस्थापक जितेंद्र सिंह बिसेन की ओर से अधिवक्ता शिवम गौड़ ने सभी मामलों की सुनवाई अलग-अलग किए जाने के पक्ष में दलील दी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से अधिवक्ता रमेश उपाध्याय व जन उद्घोष समिति के वादी कुलदीप तिवारी की तरफ से भी मामले की सुनवाई अलग-अलग किए जाने की मांग की गई। ज्ञानवापी के ज्यादातर मामलों में प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से अधिवक्ता रईस अहमद ने भी आपत्ति जताई।
इसी तरह से शासन की तरफ से विशेष अधिवक्ता राजेश मिश्र ने न्यायोचित आदेश पारित करने का अनुरोध किया। अदालत ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली है।