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कफ सिरप: जालसाजी में फंसे छह फर्मों के लाइसेंस निरस्त, अब तक 31 पर हो चुकी है कार्रवाई; पांच लोग गिरफ्तार

Sun, 28 Dec 2025 06:20 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Cough Syrup Case: कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में एक बार फिर कार्रवाई की गई है। वाराणसी में छह फर्मों का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही चंदौली में सात फर्मों को नोटिस जारी की गई है।
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शुभम जायसवाल, भोला प्रसाद और अमित सिंह टाटा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोडीनयुक्त कफ सिरप की जालसाजी में शामिल वाराणसी के छह और फर्मों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि पीसी रस्तोगी ने यह कार्रवाई की है। इसके साथ ही अब तक कुल 31 फर्मों का लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। उधर चंदौली के सात फर्मों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

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कफ सिरप की खरीद बिक्री के इस खेल में वाराणसी के साथ ही गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर, गोरखपुर सहित पूर्वांचल के कई जिलों के दवा कारोबारी शामिल है। खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज करवाने के बाद अब विभागीय कार्रवाई तेज चल रही है।

सहायक आयुक्त पीसी रस्तोगी ने बताया कि वाराणसी में आकृति मेडिकल एजेंसी, पीहू फार्मास्यूटिकल, राधिका इंटरप्राइजेज, शिवाय मेडिकल हाल, वैभवी ट्रेडर्स, श्री मेडिकल का लाइसेंस निरस्त किया गया है। इसके अलावा चंदौली की सात फर्मों से जवाब मांगा गया है। सभी का जवाब आने के बाद इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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जांच एजेंसियों के हाथ लगे ठोस सबूत
कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े शुभम जायसवाल के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच जारी है। शुभम ने होटल और रियल एस्टेट कारोबार में ही नहीं लगाया, बल्कि उसने पूर्वांचल के कई डायग्नोस्टिक समेत कई हेल्थ सेक्टर में भी निवेश कर रखा था। एजेंसियों की जांच अब उधर भी मुड़ सकती है।

शुभम जायसवाल के इस अवैध नेटवर्क से अर्जित धन मामले में जांच एजेंसियों के हाथ कुछ ठोस सबूत लगे हैं। सूत्र बताते हैं कि ईडी अब तक जुटाए गए सभी सबूतों को एक साथ संकलित कर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज कराने की तैयारी में है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि अवैध तरीके से कमाई गई रकम को अलग-अलग व्यवसायों में निवेश कर वैध रूप देने की कोशिश की गई।

इसी कड़ी में होटल व्यवसाय, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों में हुए निवेश की परतें खोली जा रही हैं। फिलहाल शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला जायसवाल और पूरे गिरोह से जुड़े लोगों की चल-अचल संपत्तियों की गहन जांच चल रही है। इसके साथ ही उनके बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन, ऑफलाइन नकद ट्रांकेक्शन और बेनामी संपत्तियों की कुंडली भी खंगाली जा रही है।
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कफ सिरप की खरीद-फरोख्त में 5 गिरफ्तार
शैली ट्रेडर्स के जरिये फर्जी ड्रग फर्म पर कफ सिरप की खरीद फरोख्त के मामले में वरुणा जोन की पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रोहनिया थाना में दर्ज प्राथमिकी में तीन आरोपी और सारनाथ थाने की दर्ज प्राथमिकी में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों से दोनों थानों की पुलिस पूछताछ कर रही है। रविवार को इस पूरे प्रकरण का पुलिस पर्दाफाश करेगी।

मेसर्स पीडी फार्मा तीसरियां परशुरामपुर सारनाथ की ओर से क्रय विक्रय का रिकॉर्ड न देने पर फर्म के मालिक विष्णु पांडेय के खिलाफ सारनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। मेसर्स पीडी फार्मा के प्रोपराइटर विष्णु पांडेय ने मेसर्स हेल्थकेयर प्रयागराज की ओर से 21 सितंबर से आठ अक्तूबर के बीच 89600 गुणा 100 एमएल कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीदारी की थी।

रोहनिया के भदवर में जिम के नीचे गोदाम से दो करोड़ रुपये की कफ सिरप की शीशी बरामद हुई थी। इस मामले में काशीपुर ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि महेश सिंह पर 25 हजार का इनाम है। गोदाम से बरामद कफ सिरप की खेप चंदौली के सिंह मोडिकोज फर्म को भेजी जा रही थी। पीडीडीयूनगर समेत अन्य जिले से तीन आरोपियों को रोहनिया पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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