Varanasi News: फर्जी जीएसटी बिल के सहारे कफ सिरप की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपी जेल भेजे गए। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर बड़े पैमाने पर कफ सिरप की बिक्री कर रहे थे। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फरार आरोपी शुभम जायसवाल, निवासी कायस्थ टोला, प्रह्लादघाट, थाने आदमपुर, के साथ मिलकर ड्रग लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कर कोडीन युक्त कफ सिरप फॅसेडिल की खरीद-फरोख्त करते थे। इसके लिए फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे।
फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन और आईटीसी लाभ लेने में दो फर्मों पर प्राथमिकी
फर्जी जीएसटी फर्म से टैक्स की चोरी और आईटीसी का लाभ लेने के मामले में लहुराबीर की दो फर्मों एमएस सोहन इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर सोहन कुमार और सनशाइन इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर सतनाम सिंह के खिलाफ चेतगंज थाने में बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। दोनों फर्मों ने बड़े पैमाने पर कूटरचित प्रपत्र लगाकर दूसरी फर्मों से आईटीसी लाभ लिया। धरातल पर दोनों फर्में नहीं मिली हैं।
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चेतगंज राज्य कर एसआईबी रेंज-बी के अधिकारी कमला कांत भास्कर ने पुलिस को बताया कि सतनाम सिंह निवासी कादीपुर शिवपुर के दाखिल जीएसटी रिटर्न में विवरण संदिग्ध पाए गए। फर्जी टैक्स इनवायस जारी कर अन्य फर्मों से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया। एमएस सोहन इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर सोहन कुमार निवासी बिजनौर के चांदपुर शाहपुर धमेरी निवासी सोहन ने दिए हुए पते पर कभी कोई व्यवसाय नहीं किया है।
जीएसटी रिटर्न में भारी मात्रा में बिक्री दिखाई है। अन्य फर्मों को आईटीसी का लाभ दिया। करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की है। चेतगंज इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है।