विश्व भर की सुरक्षा एजेंसियां को किया गया है सतर्क
शुभम को लेकर इंटरपोल और भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। अप्रैल 2026 में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस और कोर्ट द्वारा शुभम को भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद सीबीआई के सहयोग से इंटरपोल ने शुभम जायसवाल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। विश्वभर की सुरक्षा एजेंसियों खासकर यूएई और दुबई को सतर्क किया कि शुभम प्रत्यर्पण के लिए वांछित है। अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता नियम के तहत भारत के किसी भी राज्य की पुलिस सीधे किसी विदेशी धरती पर जाकर खुद दबिश या छापा नहीं कर सकती। रेड कॉर्नर नोटिस और प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट के आधार पर दुबई की स्थानीय सुरक्षा और पुलिस एजेंसियां ही शुभम की लोकेशन ट्रेस कर उसे हिरासत या गिरफ्तारी में लेगी।
शुभम के साथ ही प्रशांत, मिलिंद और गौरव, वरुण भी वांछित
शुभम के साथ चौक के भरोसेमंद तीन कारोबारी भी दुबई में छिपे हैं। शुभम जायसवाल, वरुण सिंह और गौरव जायसवाल के साथ मैदागिन के गोलघर के रहने वाले मिलिंद यादव ने भी दुबई में डेरा डाल रखा है। लखनऊ एसटीएफ की प्राथमिकी में वांछित मिलिंद यादव ने शुभम के साथ मिलकर ब्लैक मनी को व्हाइट में बदला है। होटल और रियल एस्टेट में निवेश किया। मिलिंद के कुछ करीबियों को भी एसटीएफ ने रडार पर लिया है। मड़ौली निवासी प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू को भी कोतवाली की एसआईटी गिरफ्तार नहीं कर सकी है।