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Cough Syrup Case: शुभम की गिरफ्तारी पर दुबई सरकार ने जताई सहमति, 39 हजार पन्नों की चार्टशीट के बाद शिकंजा

Wed, 05 Aug 2026 10:29 AM IST
Pragati Chand ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।

सार

Varanasi News: 2000 करोड़ के ड्रग सिंडिकेट के आरोपी शुभम जायसवाल की दुबई से गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। दुबई सरकार ने शुभम की गिरफ्तारी पर सहमति जताई। आरोपी अब दुबई छोड़कर किसी तीसरे देश नहीं भाग सकता है।
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शुभम जायसवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2000 करोड़ के कफ सिरप तस्करी के मामले में भगोड़ा शुभम जायसवाल की दुबई में गिरफ्तारी का रास्ता साफ हुआ है। विदेश मंत्रालय ने दुबई सरकार को 39 हजार पेज का अस्थायी गिरफ्तारी वारंट सौंपा है। इस आधार पर दुबई सरकार ने शुभम की गिरफ्तारी पर सहमति जताई है। जैसे ही दुबई में सुरक्षा एजेंसियां उसे गिरफ्तार करती हैं, भारत से सीबीआई और पुलिस अधिकारियों की एक टीम प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत लाने के लिए रवाना होगी। 

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भारतीय पासपोर्ट रद्द होने के बाद शुभम 10 साल के ‘’गोल्डन वीजा’’ के आधार पर दुबई में रह रहा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने जून में 2000 करोड़ रुपये के ड्रग सिंडिकेट की विस्तृत चार्जशीट (39000 से अधिक पन्ने) और प्रोविजनल अरेस्ट का औपचारिक अनुरोध दुबई सरकार को सौंपा है। 

दुबई के गृह मंत्रालय ने शुभम को गिरफ्तार करने और प्रत्यर्पित करने की भारत की मांग पर सहमति जताते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। शुभम के पासपोर्ट व वीजा क्रेडेंशियल, बैंक अकाउंट और स्थानीय ठिकानों की दुबई पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां निगरानी कर रही हैं।
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इंटरपोल ने सीबीआई से सभी 195 सदस्य देशों (विशेषकर यूएई) के इंटरनेशनल एयरपोर्ट और इमिग्रेशन काउंटरों पर शुभम जायसवाल के लिए रेड कॉर्नर नोटिस सक्रिय कर रखा है। आरोपी दुबई छोड़कर किसी तीसरे देश नहीं भाग सकता है। दुबई की स्थानीय पुलिस शुभम को हिरासत में लेकर कोर्ट के समक्ष पेश करेगी, प्रत्यर्पण संधि के तहत प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 

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दुबई से हाईकोर्ट तक जैक लगा रहा है शुभम
हाल के दिनों में शुभम के संपर्क में रहने वाले वाराणसी और लखनऊ, जौनपुर के लोगों ने प्रयागराज हाईकोर्ट में सुनवाई करने वाले जज की अदालत तक पहुंचने की कोशिश की। पिता भोला प्रसाद समेत 80 याचिका हाईकोर्ट पहुंची हुई है। सोनभद्र जेल में भोला बंद है। पिता समेत अपने करीबियों को छुड़ाने के लिए शुभम अपने प्रभावशाली पूर्व परिचितों के माध्यम से अदालत तक पहुंच बना रहा है।
 

विश्व भर की सुरक्षा एजेंसियां को किया गया है सतर्क
शुभम को लेकर इंटरपोल और भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। अप्रैल 2026 में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस और कोर्ट द्वारा शुभम को भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद सीबीआई के सहयोग से इंटरपोल ने शुभम जायसवाल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। विश्वभर की सुरक्षा एजेंसियों खासकर यूएई और दुबई को सतर्क किया कि शुभम प्रत्यर्पण के लिए वांछित है। अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता नियम के तहत भारत के किसी भी राज्य की पुलिस सीधे किसी विदेशी धरती पर जाकर खुद दबिश या छापा नहीं कर सकती। रेड कॉर्नर नोटिस और प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट के आधार पर दुबई की स्थानीय सुरक्षा और पुलिस एजेंसियां ही शुभम की लोकेशन ट्रेस कर उसे हिरासत या गिरफ्तारी में लेगी।
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शुभम के साथ ही प्रशांत, मिलिंद और गौरव, वरुण भी वांछित
शुभम के साथ चौक के भरोसेमंद तीन कारोबारी भी दुबई में छिपे हैं। शुभम जायसवाल, वरुण सिंह और गौरव जायसवाल के साथ मैदागिन के गोलघर के रहने वाले मिलिंद यादव ने भी दुबई में डेरा डाल रखा है। लखनऊ एसटीएफ की प्राथमिकी में वांछित मिलिंद यादव ने शुभम के साथ मिलकर ब्लैक मनी को व्हाइट में बदला है। होटल और रियल एस्टेट में निवेश किया। मिलिंद के कुछ करीबियों को भी एसटीएफ ने रडार पर लिया है। मड़ौली निवासी प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू को भी कोतवाली की एसआईटी गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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