इस एप में रोगी या चिह्नित व्यक्ति की आवाज आठ बार अलग-अलग तरह से रिकॉर्ड की गई। ऐसे लोगों के नाम व पता गोपनीय रखे जाएंगे। रिपोर्ट भी साझा नहीं की जाएगी। पहले चरण के सर्वे में पूरे देश से लिए जाने वाले आवाज के सैंपल का अध्ययन होगा।
इसके बाद परिणाम के अनुसार इस एप को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। इस कार्य में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया है। जिले में जिन 125 मरीजों का सैंपल लिया गया है, जिसमें 44 टीबी के बिना लक्षण वाले, 37 लक्षण वाले व्यक्ति एवं 44 उनके संपर्क या रिश्तेदार शामिल हैं।