बीते साल जून में बच्ची का ऑपरेशन हुआ था। घाव सूखने के बाद उसकी आंखें भी सिकुड़ रही थीं। इसके बाद बच्ची की काॅस्मेटिक सर्जरी की गई। अब बच्ची पहले से काफी ठीक है।
बिहार के औरंगाबाद निवासी आठ साल की जिस बच्ची की आंख जून 2024 में कुत्ते ने नोच ली थी, बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में 18 जून को सर्जरी कर 70 टांके लगाए गए थे।
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अब जब घाव सूख गया तो उसकी पलक सिकुड़ गई। ऐसे में क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरपी मौर्य ने शनिवार को बच्ची की कॉस्मेटिक सर्जरी कर उसकी पलक बनाई। बच्ची अभी 15 दिन तक भर्ती रहेगी।
औरंगाबाद के सोनौरा निवासी 8 साल की बच्ची को जून 2024 में आवारा कुत्ते ने दौड़ा लिया था। उस पर हमला बोल दिया था। इससे उसकी आंखों को नोंच दिया था। परिजनों ने बिहार में इलाज करवाया जब राहत नहीं मिली तो डॉक्टरों ने बिहार से ट्रॉमा सेंटर बीएचयू रेफर किया।
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18 जून 2024 को प्रो. सौरभ सिंह के निर्देशन में ट्रॉमा सेंटर में ही विभागाध्यक्ष प्रो. आरपी मौर्य ने टीम के साथ उसकी सर्जरी की। प्रो. मौर्य ने बताया कि उस समय बच्ची को 70 टांके लगाए गए थे। उसकी पलक भी बनाई गई थी। जैसे जैसे घाव सूखता गया, पलक में विकृति देखने को मिली।
परिजनों ने बताया कि बच्ची का चेहरा ठीक नहीं लग रहा था। 01 मार्च को क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के ऑपरेशन थिएटर में सीनियर रेजिडेंट डाॅ. प्रियंका सिंह के सहयोग से बच्ची की कास्मेटिक सर्जरी की गई थी। डेढ़ घंटे तक चली सर्जरी के बाद बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है।