संसदीय कार्य, नगर विकास एवं वाराणसी के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने जिले में पिछले एक साल में करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से रीबोर कराए गए 285 हैंडपंपों की टीएसी (टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी) से जांच कराने का आदेश दिया है।
गड़बड़ी पाए जाने पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने के साथ ही जिम्मेदार अभियंताओं पर कार्रवाई होगी। प्रभारी मंत्री ने शहर में निर्मित 42 पानी टंकियों के मामले में भी जल्द कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
सुरेश खन्ना शनिवार को वाराणसी के दौरे पर थे। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने बताया कि कमिश्नर ने जांच रिपोर्ट उनके कार्यालय को भेज दी है। रिपोर्ट देखकर कार्रवाई होगी।
दरअसल, जिला योजना की बैठक में विधायकों और जिला पंचायत सदस्यों ने पेयजल की समस्या उठाई। विधायक सौरभ श्रीवास्तव, रवींद्र जायसवाल, चेतनारायण सिंह, अवधेश सिंह का कहना था हैंडपंप रीबोर का काम केवल कागजों पर होता है। नए हैंडपंप लगाने में भी घपले की आशंका उन्होंने जताई।
मंत्री ने जल निगम के अधीक्षण अभियंता से पूछा तो उन्होंने बताया कि पिछले साल भर में जिले में 285 हैंडपंपों को रीबोर कराया गया है। मंत्री ने सूची मांगी तो वह प्रस्तुत नहीं कर पाए। कार्यालय से मंगाने को कहा तो पता चला कि चाबी नहीं मिल रही है। एक हैंडपंप के रीबोर में करीब 40 हजार का खर्च आता है।
इस आधार पर एक करोड़ चौदह लाख रुपये खर्च किए गए हैं। घपले की जांच के साथ ही मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि अब जो नए रीबोर कराए जाएं, उसके तीन महीने तक ठेकेदार को भुगतान न किया जाए।