शहर की विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं को गोद देकर 160 पार्कों का रखरखाव किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने कमेटी बनाई है। जो पार्कों को गोद देने की प्रक्रिया तय करेगी। अब तक 15 आवेदन हैं। इनका परीक्षण करने के बाद संस्थाओं को गोद दिया जाएगा। कुछ पार्कों में बच्चों के लिए झूले, कुर्सियां और वाकिंग ट्रैक का निर्माण हुआ है। इसकी देखरेख के लिए माली की तैनाती की गई है। इन पार्कों को और विकसित करने के लिए संस्थाओं को जोड़ना है।
पिछले दिनों हुई बैठक में पार्कों के विकसित करने के लिए रणनीति तय हुई थी। इसमें कई संस्थाओं के लोगों ने हिस्सा लिया था। उस दौरान कुछ जगहों पर विज्ञापन की बात कही थी जिसे कमेटी ने इंकार किया था।
उद्यान अधीक्षक केएस पांडेय ने बताया कि शहर के पार्कों के सुंदरीकरण का कार्य कराने के बाद इसके रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय संस्थाओं को देने की योजना है। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। 15 लोगों ने आवेदन किया है। जल्द ही इस पर निर्णय होगा। दरअसल, पार्कों के आसपास रहने वाले लोगों और संस्थाओं को जोड़ने से पार्कों की देखरेख में मदद मिलेगी। संस्थाओं के लोग यहां के बारे में जरूरी सूचनाएं भी निगम को देंगे। इसके लिए कार्ययोजना बनाई गई है।