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कोरोना वायरस: तीन शिफ्ट में छह डॉक्टर कर रहे मरीजों की देखभाल, ऐसा है काम करने का तरीका

Thu, 09 Apr 2020 08:29 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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coronavirus - फोटो : PTI
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वाराणसी में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की बेहतर देखभाल और इलाज के लिए कोविड अस्पताल (दीनदयाल अस्पताल) में तीन शिफ्ट में चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के कुल 25 लोग ड्यूटी कर रहे हैं। इसमे छह चिकित्सक हैं। अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों के अलावा किसी को जाने की अनुमति नहीं है।

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बुधवार को दोपहर में अस्पताल गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी किसी को भी अंदर नहीं जाने दे रहे थे। केवल एंबुलेंस और डाक्टरों की गाड़ियां ही अंदर जा रही थीं। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल एक अप्रैल को ही कोविड-19 अस्पताल में बदल दिया था।

हर शिफ्ट में रहते हैं आठ सदस्य
कोविड अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इस समय तीन शिफ्ट में मरीजों की देखभाल की जा रही है। हर शिफ्ट में आठ सदस्य हैं। कुल मिलाकर 24 सदस्य मोर्चा संभाले हैं। एक शिफ्ट में 2 डॉक्टर, 2 स्टाफ नर्स, 1 वार्डबॉय, 1 स्वीपर और 1 लैब टेक्नीशियन, 1 फार्मासिस्ट सेवा दे रहे हैं। फिलहाल इस टीम के सदस्य 14 अप्रैल तक ड्यूटी करेंगे और 14 दिन पूरी तरह क्वारंटीन रहेंगे।

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डॉक्टरों-पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने की तैयारी
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ आदि की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। इसको लेकर शासन ने हाल में एक आदेश जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार अब महीने में दो ही टीम काम करेंगी।

एक टीम में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, वार्डबॉय समेत सभी को मिलाकर 53 सदस्य होंगे। जहां तक डॉक्टरों की बात है तो इसमें 3 फिजीशियन और चेस्ट फिजीशियन, 6 एनेस्थीसिया और 6 इमरजेंसी मेडिकल आफिसर को रखा जाना है।

तीन टाइप के अस्पताल में है इलाज की सुविधा
वाराणसी में कोरोना के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए तीन टाइप के अस्पताल में सुविधाएं दी गई है। इसमें टाइप एक में ईएसआई अस्पताल जहां संदिग्ध मरीजों को भर्ती कर उनका सैंपल लिए जाने की व्यवस्था है। टाइप दो  कोविड अस्पताल है। यहां संक्रमित मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।

यहां वेंटिलेटर, ऑक्सीजन की सुविधाएं भी हैं। इसके अलावा टाइप तीन में बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल को रखा गया है। यहां गंभीर दशा में कोविड अस्पताल से मरीजों को रेफर किया जाएगा, जहां आईसीयू जैसी सुविधाएं रहेंगी।
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सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने बताया कि विभाग की गाइडलाइन के अनुसार डॉक्टरों की टीमों के गठन के साथ ही अस्पतालों में सुविधाओं की मानिटरिंग की जा रही है, जिससे कि मरीजों को कोई असुविधा न हो।
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