शनिवार रात को ही इस युवक के 54 वर्षीय पिता की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इनका भी सैंपल 18 मई को ही लिया गया था। गोरखपुर लैब से मिलने वाली रिपोर्ट में मरीज का मोबाइल नंबर भी दर्ज होता है, लेकिन इसे कंफर्म नहीं किया गया। लापरवाही और आपाधापी में इसी नाम के तरवां के एक वार्ड ब्वाय को मेडिकल कालेज भेज दिया गया।
रविवार को जब मामले की जानकारी हुई तो स्वास्थ्य विभाग के होश उड़ गए। आनन-फानन में पिपरौल निवासी बुजुर्ग को भी मेडिकल कालेज भेजा गया। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि एक नाम के होने के कारण गलती से वार्ड ब्वाय को आइसोलेट कर दिया गया था, लेकिन इसमें सुधार कर पिता-पुत्र को आइसोलेट कर दिया गया है।