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वाराणसी लॉकडाउन: घरों में बंद हुए लोग, शहर में रहने वाले पढ़ लें ये खबर, बॉर्डर किए गए सील

Mon, 23 Mar 2020 11:28 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी लोगों को रोकती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को जनता कर्फ्यू के बाद से देश के 75 जिलों में लॉकडाउन कर दिया गया है। ये वह जिले हैं जहां कोरोना वायरस के मरीज मिले हैं। इसके साथ ही वाराणसी भी 23 मार्च से 25 तक लॉकडाउन(तालाबंदी) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाम 5 बजे कोरोना की जंग में जी-जान से जुटे कर्मवीरों को सलामी देने के साथ ही प्रदेश के 15 जिलों में लॉकडाउन की घोषणा की थी।

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यहां आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। लॉकडाउन में जिलेभर के लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। उन्हें सिर्फ दवा और अनाज जैसी जरूरी चीजों के लिए ही बाहर आने की इजाजत मिलेगी। इस दौरान वे बैंक से पैसे निकालने भी जा सकते हैं। वाराणसी के इतिहास में पहली बार लॉक डाउन हुआ है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में पर्चा काउंटर बंद दिया गया है। वाराणसी से गाजीपुर और आजमगढ़ के लिए रोडबेज बसें संचालित हो रही हैं। बसों का संचालन प्रशासन के निर्देश पर किया जा रहा है।

जिला मजिस्ट्रेट कौशलराज शर्मा जारी आदेश में कहा गया है कि सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय, सभी तरह के वाहन पूरी तरह से बंद रहेंगे। डेढ़ दर्जन कार्यालय खोले जाएंगे। इस दौरान सरकारी कार्यालय में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहेगा। सब्जी, दूध और मेडिकल की दुकानें, पट्रोल पंप और एटीएम खुलेंगे। अन्य प्रतिष्ठान और फैक्ट्री बंद रहेंगे।

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वहीं तालाबंदी को देखते हुए सब्जियां भी कुछ महंगी हो गई हैं। सब्जी मंडी में टमाटर 30 रुपये, आलू 40, प्याज 40, हरी मिर्च 60 रुपये किलो बिक रहे हैं। तो वहीं पुलिस भी वाराणसी में आने वाले वाहनों पर रोक लगा रही है। वाराणसी से बाहर और अंदर आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस सभी को रोक रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि फैक्ट्री मालिकों को मजदूरों को वेतन सहित अवकाश देने के निर्देश दिए गए हैं। यहां बता दें कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को उन 75 जिलों को लॉक डाउन के निर्देश जारी करने को कहा है जिनमें कोरोना पॉजीटिव केस आए हैं।

यह होता है लॉक डाउन 
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया आपदा के वक्त लॉकडाउन की व्यवस्था होती है। कोरोना के संक्रमण रोकने के लिए यह व्यवस्था सरकारी तौर पर लागू की रही है। उन्होंने बताया कि 9/11 हमले में सबसे पहले अमेरिका ने लॉक डाउन किया था। आम आदमी किसी तरह की समस्या पर थाना, जिलाधिकारी, एसएसपी सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को फोन कर सकते हैं। 

कोरोना संक्रमण को रोकने के किया गया लॉक डाउन
वाराणसी सहित प्रदेश के 15 जिलों में कोरोना पॉजिटिव के केस मिले हैं। ऐसे में मानना है कि पॉजिटिव व्यक्ति के जरिए इसका संक्रमण हुआ होगा। इंसान और किसी इलाके को बचाने के लिए लॉकडाउन किया गया है। कोरोना के संक्रमण को लेकर कई देशों में यह व्यवस्था की गई है। कोरोना वायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकले। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।
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यह सुविधाएं रहेंगी चालू 
केवल आवश्यक वस्तुओं का विक्रय करने वाली दुकानें और प्रतिष्ठान जैसे अनाज, गल्ला, किराना, जनरल स्टोर, दूध, रसोई गैस, पेट्रोल पंप, सीएनजी स्टेशन, सब्जी, फल, दवाई की दुकानें पैथोलॉजी लैब, डॉक्टर क्लिनिक, कुरियर और सभी प्राइवेट और निजी अस्पताल इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। इसके अलावा हर प्रकार की दुकान और प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। 

इन पर रहेगा प्रतिबंध 
सभी ढाबे, मिष्ठान भंडार, जलपान गृह, रेस्टोरेंट, कॉफ़ी हाउस, कैफ़े, खाने पीने की, चाट-स्नैक्स की दुकानें, ठेले (सब्जी-फल छोड़कर), तम्बाकू, गुटखा की दुकानें। राज्य सरकार के कार्यालयों में अल्टरनेटिव दिनों की रोस्टरिंग जारी रहेगी। ऑफिस के आधे कर्मचारी एक दिन आएंगे और आधे दूसरे दिन। फील्ड के कर्मचारी प्रतिदिन ड्यूटी करेंगे।
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