इस पर यह निर्णय लिया गया कि 25 मार्च से नवरात्र शुरू होने वाले हैं। इसमें लाखों दर्शनार्थी मां का दर्शन करने आते हैं। दर्शनार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए मंदिर को पूरे तौर पर बंद रखा जाए। इसके साथ ही मां अष्टभुजा और मां कालीखोह का मंदिर भी पूरी तरह से बंद रहेगा। बैठक में पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, मंत्री भानु पाठक व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
झांकी से भी बंद रहेगा दर्शन
मंदिर की बंदी के दौरान झांकी से भी मां का दर्शन नहीं हो सकेंगे। लेकिन सभी मंदिरों में चारों आरती नियम पूर्वक की जाएंगी। पंडा समाज ने कहा कि मां सभी का कल्याण चाहती हैं। इसलिए मंदिर बंद किया जाता है। इससे प्रशासन को अवगत करा दिया जाएगा। नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहा कि शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा।